किशनगंज: बिहार के किशनगंज और सीमावर्ती इलाकों में रविवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया। रात करीब 11:06 बजे अचानक धरती में कंपन महसूस होने पर लोग अपने घरों से निकलकर खुले स्थानों की ओर दौड़ पड़े। भूकंप का केंद्र भूटान के पुनाखा क्षेत्र के पास बताया गया है। हालांकि राहत की बात यह रही कि जिले में कहीं से भी किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
10 से 12 सेकंड तक महसूस हुए झटके
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भूकंप के झटके करीब 10 से 12 सेकंड तक महसूस किए गए। रात का समय होने के कारण अधिकांश लोग अपने घरों में मौजूद थे। अचानक कंपन महसूस होते ही लोगों में घबराहट फैल गई और वे एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि तेज हवा या बारिश की वजह से कंपन महसूस हो रहा है, लेकिन बाद में भूकंप की पुष्टि होने पर लोगों की चिंता बढ़ गई।
भूटान में था भूकंप का केंद्र
भूकंप निगरानी एजेंसियों के अनुसार इस भूकंप का केंद्र भूटान के पुनाखा क्षेत्र के पास था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गई। भूकंप का असर केवल भूटान तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसके झटके भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, बिहार के सीमावर्ती इलाकों, नेपाल, बांग्लादेश और चीन के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। विशेषज्ञों के मुताबिक मध्यम तीव्रता के इस भूकंप का प्रभाव व्यापक क्षेत्र में देखा गया।
किशनगंज के कई इलाकों में दिखा असर
किशनगंज शहर के अलावा बहादुरगंज, ठाकुरगंज और टेढ़ागाछ समेत कई इलाकों में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। कुछ क्षेत्रों में उस समय हल्की बारिश भी हो रही थी, जिसके कारण शुरुआत में कई लोगों को कंपन का एहसास नहीं हुआ। हालांकि जिन्होंने झटके महसूस किए, उन्होंने तुरंत अपने परिवार और पड़ोसियों को सतर्क किया। देखते ही देखते लोग घरों से बाहर निकल आए और कुछ समय तक खुले स्थानों में ही रहे।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब तक जिले में किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है किशनगंज
विशेषज्ञों के अनुसार किशनगंज जिला भूकंप के दृष्टिकोण से संवेदनशील जोन-IV में आता है। इस क्षेत्र में समय-समय पर हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंपीय झटके महसूस किए जाते हैं। भूगर्भ वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र के पास स्थित होने के कारण बिहार के सीमावर्ती जिलों पर भूकंपीय गतिविधियों का प्रभाव अक्सर देखने को मिलता है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी सावधानियों की जानकारी होना जरूरी है।
फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप
इसी बीच एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सोमवार सुबह फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप पर 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप के बाद कई तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलीपींस और इंडोनेशिया 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित हैं, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां होती रहती हैं।