लखनऊ - उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए राम मंदिर और सनातन संस्कृति के मुद्दे पर उनकी राजनीति को निशाने पर लिया। पाठक ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी समाजवादी पार्टी ने कभी इसका स्वागत नहीं किया। उन्होंने कहा कि, राम मंदिर के निर्माण के बाद सपा और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कभी भी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत नहीं किया।
झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश
उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता को भ्रमित करने के लिए झूठे मुद्दे और अफवाहें फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि, आज आप झूठ की अफवाह फैलाकर झूठ का नैरेटिव गढ़ने का असफल प्रयास कर रहे हैं। ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत विश्व में सनातन संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाला देश है और इस विरासत का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि, भारत सनातन संस्कृति का दुनिया में वाहक राष्ट्र है। सपा के मुखिया अखिलेश यादव अपनी सोच को सनातन संस्कृति के खिलाफ न रखें।
भविष्य को लेकर दी चेतावनी
उपमुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे इसी तरह की राजनीति जारी रखते हैं तो आने वाले समय में इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि, आने वाले समय में इसका खामियाजा आपको भुगतना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। राम मंदिर, सनातन संस्कृति और विकास जैसे मुद्दों को लेकर दोनों दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
अखिलेश यादव का बड़ा बयान...
अखिलेश यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने इसे दुनिया भर के राम भक्तों के लिए "बेहद संवेदनशील" बताया। यादव ने कहा कि यह स्थिति मंदिर ट्रस्ट के लिए "बेहद शर्मनाक" है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि राम मंदिर को दिए गए दान से करोड़ों रुपये गायब होना बहुत संवेदनशील खबर है। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने मंदिर ट्रस्ट और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की चुप्पी "संदिग्ध" प्रतीत होती है। पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने इस कथित विसंगति को सार्वजनिक चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के लिए यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। कोई भी आगे आकर स्पष्टीकरण देने को तैयार नहीं है।
अदालत को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए
अखिलेश यादव ने अदालत से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा दुनिया भर के सनातनी समुदाय की भगवान राम में गहरी आस्था से जुड़ा है। यादव ने जोर दिया कि अदालत को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। यह मुद्दा सीधे तौर पर सनातनी समुदाय की गहरी आस्था से संबंधित है। अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस गंभीर आरोप पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिली है। यादव ने सरकार की चुप्पी को संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी इस मामले पर स्पष्टीकरण देने को तैयार नहीं है।