नई दिल्ली: दिल्ली के संविधान क्लब में सोमवार को INDIA ब्लॉक की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें 24 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में केंद्र सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, चुनावी प्रक्रिया, किसानों के मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की, जबकि राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, सुप्रिया सुले और उमर अब्दुल्ला समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
5 मुद्दों पर विपक्ष की बनी सहमति
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि INDIA ब्लॉक के सभी दल पांच प्रमुख मुद्दों पर सहमत हैं और आने वाले समय में इन्हें लेकर संयुक्त रूप से संघर्ष करेंगे। उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (SIR), महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे विपक्ष की प्राथमिकता रहेंगे। खरगे ने कहा कि वोटर लिस्ट से जुड़े मामलों को लेकर विपक्ष देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र भी लिखेगा। उनका आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं, जिनका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
बैठक में NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा छात्रों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
राहुल गांधी ने सरकार को घेरा
सूत्रों के अनुसार बैठक में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट को लेकर सरकार के रुख पर टिप्पणी की और किसानों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। राहुल गांधी ने बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों को एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत बताई।
हर दो महीने में होगी बैठक
खरगे ने घोषणा की कि INDIA ब्लॉक की बैठक अब नियमित रूप से हर दो महीने में आयोजित की जाएगी। अगली बैठक 8 अगस्त 2026 को हैदराबाद में होगी। उन्होंने कहा कि संसद के भीतर और बाहर विपक्षी दलों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा। बैठक में शामिल नेताओं ने देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी की।