भोपाल. मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और उससे जुड़े मानसूनी परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां तेजी से बढ़ने लगी हैं। भारतीय मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 27 से 30 जुलाई के बीच राज्य के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस अवधि में मध्य भारत के ऊपर सक्रिय मौसमीय तंत्र लगातार नमी प्राप्त करेगा, जिससे कई क्षेत्रों में लगातार वर्षा, जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना बनी रहेगी। प्रशासन ने भी संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
छह जिलों में अति भारी वर्षा की विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों के लिए विशेष सतर्कता जारी की है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान कहीं-कहीं अत्यधिक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों और नालों के उफान पर आने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन को संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां बनाए रखने तथा नागरिकों को मौसम संबंधी परामर्श का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय रहेगा वर्षा का दौर
मध्य प्रदेश के भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित अनेक जिलों में हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर तेज वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सक्रिय मानसूनी ट्रफ और लगातार मिल रही समुद्री नमी के कारण प्रदेश के अधिकांश भागों में बादलों का प्रभाव कई दिनों तक बना रह सकता है।
छत्तीसगढ़ में भी तेज होगा मानसून का असर
पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी आगामी चार दिनों तक मानसून के सक्रिय बने रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए तेज वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। रायपुर सहित कई क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक और रुक-रुककर वर्षा होने का अनुमान है।
कम वर्षा की भरपाई कर सकता है सक्रिय मानसून
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से लगभग 20 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। यदि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां बनी रहती हैं तो वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ फसलों के लिए यह वर्षा लाभकारी सिद्ध हो सकती है, बशर्ते जलभराव और अत्यधिक वर्षा से होने वाले नुकसान का समय रहते प्रबंधन किया जाए।
प्रशासन और नागरिकों के लिए सतर्कता बेहद आवश्यक
लगातार वर्षा की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के समीप सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। तेज वर्षा और आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिन मध्य भारत में मानसून की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहेंगे और कई स्थानों पर वर्षा सामान्य से अधिक दर्ज की जा सकती है।