कोलकाता: Monsoon season 2026 के बीच बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर मौसम के तेवर तल्ख हो गए हैं। समुद्र के ऊपर बना अति गहरा दबाव (Deep Depression) अब सीधे तटीय इलाकों को पार कर जमीनी भाग में प्रवेश कर चुका है। इसके सीधे प्रभाव से सोमवार सुबह से ही दक्षिण बंगाल समेत पूरे राज्य का मौसम अचानक बदल गया है। राजधानी कोलकाता में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है।अलीपुर मौसम विभाग (Alipore Weather Office) ने चेतावनी जारी की है कि जैसे-जैसे दिन ढलेगा, आपदा और विकराल रूप ले सकती है। उत्तर और दक्षिण बंगाल, दोनों ही हिस्सों में दिनभर तेज हवाओं (60-70 किमी/घंटा) के साथ भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
जिलावार मौसम का हाल:
1. दक्षिण बंगाल (South Bengal):
दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर: तटीय जिले होने के कारण यहाँ सबसे ज्यादा खतरा है। मौसम विभाग ने यहाँ अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।
झाड़ग्राम, बांकुड़ा और पुरुलिया: निम्न दबाव का केंद्र पास होने के कारण पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से इन जिलों में भी मूसलाधार बारिश हो सकती है।
कोलकाता और आसपास के इलाके: हफ्ते के पहले कामकाजी दिन ही कोलकाता में बारिश ने दस्तक दे दी है। तड़के से ही रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दिनभर शहर में हल्की से मध्यम दर्ज की बारिश जारी रहने का अनुमान है।
2. उत्तर बंगाल (North Bengal):
- दार्जिलिंग और कालिम्पोंग: पहाड़ी इलाकों में आज से बारिश की तीव्रता काफी बढ़ेगी। कई जगहों पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) का खतरा बना हुआ है।
- अन्य जिले: उत्तर बंगाल के ऊपरी जिलों में अगले 48 घंटों के लिए मौसम विभाग ने 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किया है।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी (Fishermen Advisory):
समुद्र में उठती भयानक लहरों और तेज हवाओं के चलते मौसम विभाग और प्रशासन ने 29 जुलाई तक मछुआरों के गहरे समुद्र में जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। जो मछुआरे पहले से समुद्र में मौजूद हैं, उन्हें तुरंत तट पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।