लखनऊ- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष संदेश जारी करते हुए सभी को पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने गुरुजनों के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज के निर्माण में उनकी भूमिका को सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गुरु को साक्षात परम ब्रह्म का स्वरूप माना गया है। गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास की स्मृति में मनाई जाती है और यह ज्ञान, संस्कार तथा आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक पर्व है। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा भी प्रदान करते हैं और अज्ञान के अंधकार से निकालकर सत्य एवं प्रकाश के मार्ग पर आगे बढ़ाते हैं।
गुरु सम्मान को बताया विकसित समाज की आधारशिला
सीएम योगी ने कहा कि जिस समाज में गुरु का सम्मान होता है, वही समाज विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित करता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव बनाए रखें तथा उनके बताए आदर्शों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उनका कहना था कि व्यक्ति और समाज दोनों का विकास गुरु के मार्गदर्शन से ही संभव है।
सभी परंपराओं में गुरु का विशेष महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का महत्व केवल सनातन परंपरा तक सीमित नहीं है। बौद्ध परंपरा में यह भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश और धर्मचक्र प्रवर्तन का स्मृति दिवस है, जबकि जैन परंपरा में इसका संबंध गौतम स्वामी की ज्ञान दीक्षा से जुड़ा है। सिख परंपरा में भी गुरु-वाणी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि सभी परंपराओं में यह पर्व ज्ञान, गुरु और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक माना जाता है।
गुरु-शिष्य परंपरा को बताया भारतीय संस्कृति की धरोहर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ और श्रीकृष्ण ने गुरु सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण कर आदर्श स्थापित किए। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस परंपरा को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
शिक्षकों के सम्मान और कल्याण का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में शिक्षकों के सम्मान और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने हाल ही में शुरू की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से लाखों शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।