MP CM Scooty Yojana 2026: मध्य प्रदेश सरकार ने 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के लिए संचालित मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्र-छात्राओं को मिलेगा, जिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 70% अंक हासिल किए हैं। पहले 60% अंक लाकर स्कूल टॉपर बनने वाले विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ मिल जाता था। नए नियम लागू होने के बाद हजारों छात्रों की पात्रता प्रभावित हो सकती है। वहीं, कई जिलों से समय पर डेटा अपलोड न होने के कारण इस साल स्कूटी वितरण में देरी की आशंका भी जताई जा रही है।
क्या बदला मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में?
इस वर्ष सरकार ने योजना की पात्रता में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल वही विद्यार्थी स्कूटी योजना का लाभ प्राप्त करेंगे-
जिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 70% या उससे अधिक अंक हासिल किए हों।
साथ ही वे अपने सरकारी स्कूल के निर्धारित पात्र मेधावी छात्रों में शामिल हों।
पहले यदि किसी सरकारी स्कूल का छात्र 60% अंक लेकर भी स्कूल टॉपर बनता था, तो उसे योजना का लाभ मिल जाता था। अब यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया है।
पहले और अब का नियम
| पहले | अब |
|---|---|
| 60% अंक वाला स्कूल टॉपर भी पात्र | न्यूनतम 70% अंक अनिवार्य |
| स्कूल स्तर पर दो टॉपर्स को लाभ | अब 70% से कम वालों को लाभ नहीं |
| पात्र छात्रों की संख्या अधिक | पात्र छात्रों की संख्या कम हो सकती है |
हजारों विद्यार्थियों को करना पड़ सकता है इंतजार
इस बार योजना की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पाई है।
सरकार ने सभी जिलों को 31 जुलाई तक विद्यार्थियों का पूरा विवरण BEMS (Budget Estimation and Monitoring System) पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन-
कई ग्रामीण जिलों से अब तक डेटा अपलोड नहीं हुआ है।
बैंक खाते सहित आवश्यक जानकारी अधूरी है।
समय सीमा नजदीक होने से स्कूटी वितरण में देरी की संभावना बढ़ गई है।
समय पर डेटा अपलोड नहीं हुआ तो क्या होगा?
सरकार ने साफ किया है कि-
निर्धारित समय तक डेटा अपलोड नहीं होने पर संबंधित विभाग को बजट जारी नहीं किया जाएगा।
ऐसे में पात्र विद्यार्थियों को भी स्कूटी मिलने में देरी हो सकती है।
यानी समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं होने का सीधा असर छात्रों पर पड़ेगा।
हर साल कितने विद्यार्थियों को मिलता है लाभ?
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत हर वर्ष-
लगभग 7,800 मेधावी छात्र-छात्राओं को लाभ मिलता है।
सरकारी स्कूलों के स्कूल स्तर के दो टॉपर्स को स्कूटी या उसकी राशि दी जाती है।
हालांकि इस बार 70% की नई शर्त लागू होने से लाभार्थियों की संख्या घट सकती है।
कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?
सरकार पात्र विद्यार्थियों को-
ई-स्कूटी
या
पेट्रोल स्कूटी खरीदने के लिए ₹1 लाख से ₹1.25 लाख तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है। पिछले वर्ष योजना के तहत 11 सितंबर को स्कूटी वितरण किया गया था।
लैपटॉप योजना को लेकर भी इंतजार
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को-
₹25,000 की प्रोत्साहन राशि लैपटॉप खरीदने के लिए दी जाएगी।
इस वर्ष करीब 1.21 लाख विद्यार्थी इस योजना के पात्र हैं।
हालांकि अभी तक लैपटॉप राशि वितरण की तारीख घोषित नहीं की गई है।
अधिकारी ने क्या कहा?
लोक शिक्षण संचालनालय के संयुक्त संचालक अरविंद चौरगढ़े के अनुसार- "करीब 90% जिलों ने विद्यार्थियों का डेटा अपलोड कर दिया है। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों से जानकारी अभी आना बाकी है। जल्द ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।"