आलीराजपुर। मध्यप्रदेश के आलीराजपुर में जनपद पंचायत की सीईओ प्रिया काग के साथ एक गंभीर घटना हुई, जिसमें उनके साथ धमकी और बदसलूकी की गई। आरोप है कि मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई जनपद अध्यक्ष पति इंदर सिंह चौहान ने कार्यालय में सीईओ के सामने आकर उनका रास्ता रोक दिया और धमकी दी। घटना के तुरंत बाद प्रिया ने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई, जिससे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और बाद में कोर्ट में पेश किया। यह मामला प्रशासन और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
विवाद की वजह और इंदर सिंह चौहान का गुस्सा
मामले की शुरुआत कन्या विवाह योजना के कुछ आवेदन निरस्त होने को लेकर हुई। सीईओ प्रिया काग ने नियमों के अनुसार इन आवेदन को निरस्त करने की जानकारी दी। इस पर इंदर सिंह चौहान ने अत्यधिक नाराजगी दिखाई और कार्यालय में धमकी भरे शब्दों के साथ अपने गुस्से का इजहार किया। उन्होंने कहा कि “तेरे दांत तोड़ दूंगा और यहीं जिंदा गाड़ दूंगा। यहां सब मेरी मर्जी से होगा।” यह स्थिति कार्यालय के अन्य कर्मचारियों के लिए भी तनावपूर्ण साबित हुई।
धमकी और रास्ता रोकने का आरोप
जब सीईओ प्रिया काग कार्यालय से बाहर जाने लगीं, तो इंदर सिंह चौहान ने उनका रास्ता रोक दिया। घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद अन्य अधिकारी और कर्मचारियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, जिससे मामला कुछ हद तक शांत हुआ। हालांकि, सीईओ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस और उच्च अधिकारियों को सूचित किया। इस घटना ने जिला पंचायत कार्यालय की कार्यप्रणाली और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
सीईओ प्रिया काग की शिकायत के बाद पुलिस ने इंदर सिंह चौहान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 132, 224, 221 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें बाद में जमानत मिल गई। इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि किसी भी राजनीतिक दबाव या पदवी के बावजूद कानून अपने काम में स्वतंत्र है।
मंत्री नागर सिंह चौहान का बयान
मंत्री नागर सिंह चौहान ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे अपने भाई से कोई बातचीत नहीं करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम स्वतंत्र रूप से करेगा और किसी के लिए भी विशेष छूट नहीं होगी। मंत्री के इस बयान ने यह संकेत दिया कि प्रशासनिक प्रक्रिया और न्यायिक स्वतंत्रता पर दबाव नहीं डाला जाएगा।
इंदर सिंह चौहान का विवादों से पुराना नाता
इंदर सिंह चौहान पहले भी विवादों में रहे हैं। इससे पहले वे खाद वितरण को लेकर एक कर्मचारी से मारपीट कर चुके हैं। उनका यह इतिहास दर्शाता है कि विवादास्पद व्यवहार उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है, और इस कारण उनका नाम अक्सर मीडिया और प्रशासनिक रिपोर्टों में आता रहा है। इस घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से उनकी छवि और विवादास्पद हो सकती है।