मध्यप्रदेश सरकार ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और गैस स्टॉक की नियमित समीक्षा की जाए। साथ ही फिलहाल होटल, मॉल, औद्योगिक क्षेत्र और बल्क एलपीजी का उपयोग करने वाली फैक्ट्रियों को सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे।
इन संस्थानों में गैस के उपयोग और उपलब्धता की जानकारी भी कलेक्टरों द्वारा ली जाएगी। वहीं, पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और निगरानी के लिए राज्य सरकार ने डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया है।इस समिति में डिप्टी सीएम देवड़ा के साथ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप को शामिल किया गया है।यह समिति जरूरत के अनुसार बैठक करेगी और केंद्र सरकार से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर आम नागरिकों के हित में उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा करेगी।
खाद्य विभाग ने कलेक्टर्स को भेजा पत्र
खाड़ी देशों में बन रहे युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में कॉमर्शियल कैटेगरी के एलपीजी उपयोग को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एलपीजी की आपूर्ति और वितरण को प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर्स को भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों ने जानकारी दी है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण एलपीजी के आयात पर असर पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए कुछ अस्थायी कदम उठाए गए हैं।
खाद्य आयुक्त ने दिए ये निर्देश
एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग अब पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही स्वीकार की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य कालाबाजारी और अनियमित वितरण को रोकना है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को गैस समान रूप से मिल सके।
फिलहाल प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद बताया गया है।
वितरकों के स्तर पर गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और उनके फील्ड अधिकारियों को जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर स्थिति की लगातार समीक्षा करने को कहा गया है।
कमर्शियल उपयोग के लिए फिलहाल नहीं मिलेंगे सिलेंडर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सालयों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं—जैसे होटल, मॉल, बल्क एलपीजी उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्रियों—को फिलहाल कमर्शियल एलपीजी (बल्क और पैक्ड) की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
कलेक्टर करेंगे स्टॉक की समीक्षा
राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे जिला स्तर पर खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर एलपीजी के स्टॉक और उसकी आपूर्ति की समीक्षा करें।
इसके अलावा बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं के साथ बैठक कर उन्हें उपलब्ध गैस स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन स्रोत अपनाने की सलाह देने को भी कहा गया है।
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