कोलकाता - कोलकाता में इको पार्क के पास हुई एक घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने पुलिस कार्रवाई और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही थी, लेकिन अब जनता के बढ़ते गुस्से के कारण पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा है।
जनता का गुस्सा बढ़ा तो पुलिस को करनी पड़ी कार्रवाई
दिलीप घोष ने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो राज्य की कानून-व्यवस्था और बिगड़ सकती थी। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता दोनों चाहते हैं कि पुलिस कानून के मुताबिक काम करे और अपराधियों को बचाने की कोशिश न हो। उनका यह बयान उस मामले के बाद आया है, जिसमें रायगंज के एक व्यक्ति को कथित तौर पर दूसरे व्यक्ति को टक्कर मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
अभिषेक बनर्जी के आवास पर पुलिस पहुंचने पर भी बोले दिलीप घोष
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के आवास पर कथित अनधिकृत निर्माण के मामले में कोलकाता पुलिस के दौरे को लेकर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं की संपत्तियों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं और अब उनकी जांच की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि “टीएमसी के नेताओं के पास कितनी संपत्ति है, यह किसी को नहीं पता” और अब कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच आगे बढ़ रही है।
देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठेंगे
दिलीप घोष ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी बयान देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जो काम पहले नहीं हुए, अब वे पूरे किए जाएंगे। उनके इस बयान को राज्य और केंद्र की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में कानून-व्यवस्था, राजनीतिक टकराव और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर लगातार राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है। विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर निशाना साध रहा है, जबकि सत्ताधारी दल इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहा है।