चेन्नई: तमिलनाडु में स्कूल और कॉलेज के छात्रों को विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों में शामिल होने से रोकने के लिए जारी निर्देश को सरकार ने 24 घंटे के भीतर वापस ले लिया। कॉलेजिएट एजुकेशन निदेशालय (DCE) की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में 17 अगस्त को जारी पिछला निर्देश वापस लेने की जानकारी दी गई। यह निर्देश राज्यभर के सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के प्राचार्यों को भेजा गया था। इसमें छात्रों को आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने के लिए कदम उठाने को कहा गया था।
17 अगस्त को जारी हुआ था आदेश
कॉलेजिएट एजुकेशन निदेशालय की संयुक्त निदेशक सिंथिया सेल्वी पी की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया कि विभाग द्वारा 17 अगस्त को जारी पिछला आदेश वापस लिया जाता है। कॉलेजिएट एजुकेशन निदेशालय तमिलनाडु के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करता है और राज्य के सरकारी आर्ट्स एवं साइंस कॉलेजों की निगरानी करता है।
'स्कूल ठीक करो' अभियान के बीच आया था निर्देश
छात्रों को विरोध-प्रदर्शनों से दूर रखने का यह निर्देश ऐसे समय आया था, जब राज्य में 'स्कूल ठीक करो' अभियान को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह अभियान 15 अगस्त से शुरू किया गया था। इस बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में स्कूली छात्रों की ओर से भी शिक्षा से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन की खबरें सामने आई थीं।
छात्रों के विरोध के अधिकार पर भी हुई चर्चा
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब सुप्रीम कोर्ट में छात्र गतिविधियों और विरोध के अधिकार को लेकर टिप्पणी की गई थी। पिछले सप्ताह मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा था कि उन्होंने स्वयं छात्र जीवन में सक्रिय गतिविधियों में हिस्सा लिया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि छात्रों को विरोध करने का मौलिक अधिकार है, भले ही उनकी राय गलत हो सकती है।
सरकार ने वापस लिया आदेश
17 अगस्त के निर्देश को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर चर्चा शुरू होने के बाद अब कॉलेजिएट एजुकेशन निदेशालय ने इसे वापस लेने का आदेश जारी कर दिया है। इस तरह छात्रों को प्रदर्शन और आंदोलनों से दूर रखने वाला निर्देश जारी होने के एक दिन के भीतर ही वापस ले लिया गया। हालांकि, सरकार की ओर से आदेश वापस लेने के विस्तृत कारणों को लेकर अभी अलग से विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।