मुंबई: घरेलू शेयर बाजार बुधवार को लगभग सपाट खुले। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी मामूली गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 17.41 अंक यानी 0.02 फीसदी गिरकर 77,218.05 के स्तर पर रहा। वहीं निफ्टी 2.85 अंक यानी 0.01 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 24,152.05 पर खुला।
IT शेयरों में तेजी
सेक्टरवार कारोबार में निफ्टी IT 0.82 फीसदी चढ़कर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा। निफ्टी मिडस्मॉल IT एंड टेलीकॉम में भी 0.59 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। रियल्टी और रियल एस्टेट से जुड़े इंडेक्स भी मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
Metal और Auto शेयरों पर दबाव
दूसरी ओर, निफ्टी मेटल 0.35 फीसदी और निफ्टी ऑटो 0.14 फीसदी नीचे रहा। हेल्थकेयर, फार्मा और केमिकल्स से जुड़े इंडेक्स में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली।
क्रूड ऑयल 92 डॉलर के करीब
मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। ब्रेंट क्रूड करीब 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। तेल की बढ़ती कीमतों से दुनियाभर में महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। इसके साथ ही वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर भी असर डाला है। अमेरिका में 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिससे ग्लोबल इक्विटी मार्केट पर दबाव बढ़ा है।
घरेलू अर्थव्यवस्था से बाजार को सहारा
हालांकि, भारतीय बाजार को मजबूत घरेलू आर्थिक बुनियाद से सहारा मिल रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 में GDP और कॉरपोरेट आय में सुधार की उम्मीद तथा घरेलू बाजार में पर्याप्त तरलता निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
एशियाई बाजार भी कमजोर
मध्य-पूर्व संकट का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने के रुख और अमेरिका द्वारा युद्धविराम बढ़ाने से इनकार के बाद कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आई। ऐसे में आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की नजर क्रूड ऑयल की कीमतों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और मध्य-पूर्व की स्थिति पर बनी रहेगी।