भोपाल: मध्यप्रदेश में लाखों घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर है। ई-केवायसी लंबित होने के कारण प्रदेश में करीब 35 लाख घरेलू LPG कनेक्शन ब्लॉक कर दिए गए हैं। राजधानी भोपाल में भी ऐसे कनेक्शनों की संख्या 1 लाख से ज्यादा बताई जा रही है। अब इन उपभोक्ताओं को दोबारा गैस सिलिंडर की बुकिंग और नियमित आपूर्ति के लिए पहले ई-केवायसी पूरी करानी होगी।देशभर में भी करीब 3.16 करोड़ घरेलू LPG कनेक्शन ई-केवायसी लंबित होने के कारण ब्लॉक किए गए हैं। तेल कंपनियों ने 1 अक्टूबर से ऐसे कनेक्शनों के खिलाफ सख्ती शुरू की है।
बिना e-KYC नहीं होगी गैस सिलेंडर की बुकिंग
ई-केवायसी लंबित होने के कारण ब्लॉक किए गए कनेक्शन से अब ऑनलाइन सिलेंडर बुक नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा गैस एजेंसी से नियमित रिफिल की आपूर्ति और होम डिलीवरी भी प्रभावित होगी।ऐसे उपभोक्ताओं को पहले अपनी ई-केवायसी पूरी करानी होगी। इसके बाद ही कनेक्शन दोबारा सक्रिय होने और गैस बुकिंग की सुविधा मिलने की बात कही गई है।
अचानक सिलेंडर खत्म हुआ तो बढ़ सकती है परेशानी
कनेक्शन ब्लॉक होने के बाद यदि किसी परिवार का सिलेंडर अचानक खत्म हो जाता है, तो उसके सामने तत्काल रसोई गैस की समस्या आ सकती है। ऐसी स्थिति में बाजार में उपलब्ध 5 या 10 किलो के सिलिंडर विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं।इस वजह से जिन उपभोक्ताओं की ई-केवायसी अभी बाकी है, उनके लिए इसे जल्द पूरा करना जरूरी हो गया है।
भोपाल में करीब 8 लाख LPG उपभोक्ता
राजधानी भोपाल में घरेलू उपभोक्ताओं को LPG सिलिंडर उपलब्ध कराने के लिए 35 से अधिक गैस एजेंसियां हैं। इन एजेंसियों से करीब 8 लाख घरेलू कनेक्शन जुड़े हुए हैं।इनमें से 1 लाख से ज्यादा कनेक्शनों की ई-केवायसी लंबित बताई जा रही है। ऐसे कनेक्शनों की बुकिंग बंद होने के बाद कई उपभोक्ता गैस एजेंसियों से संपर्क कर रहे हैं।
30 जून से चल रही है e-KYC प्रक्रिया
एलपीजी ई-केवायसी की प्रक्रिया 30 जून 2026 से चल रही है। तेल कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं को कई बार समय बढ़ाकर दिया गया और ई-केवायसी पूरी करने के लिए संदेश भी भेजे गए।बताया गया है कि तारीख करीब 8 बार बढ़ाई जा चुकी है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की ई-केवायसी लंबित है। अब कंपनियों ने ऐसे कनेक्शनों को ब्लॉक करना शुरू किया है।
कंपनियों को फर्जी या निष्क्रिय कनेक्शनों की आशंका
तेल कंपनियों को आशंका है कि लंबित कनेक्शनों में कुछ ऐसे कनेक्शन भी हो सकते हैं, जिनका अब इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसी वजह से ई-केवायसी के जरिए कनेक्शन की स्थिति और उपभोक्ता की जानकारी को अपडेट करने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।अब ई-केवायसी लंबित रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलेंडर की नियमित बुकिंग और आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।