नई दिल्ली - रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों की सराहना की है। पुतिन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री रूस के साथ अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंधों के बावजूद लगातार यूक्रेन में जारी संघर्ष को खत्म करने का मुद्दा उठाते रहे हैं।
‘मोदी लगातार उठाते हैं युद्ध खत्म करने का मुद्दा’
पुतिन ने 1 अक्टूबर को वाल्दाई डिस्कशन क्लब की बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उन विश्व नेताओं में शामिल हैं, जो रूस के साथ करीबी रिश्तों के बावजूद यूक्रेन संघर्ष के समाधान का सवाल लगातार उठाते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी की दिलचस्पी इस संघर्ष को समाप्त कराने में है और वह शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयासों का समर्थन करते हैं।
‘पीएम मोदी के पास अच्छे आइडिया’
रूसी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि उनके पास ऐसे “बहुत अच्छे विचार” हैं, जिनके जरिए संघर्ष में शामिल दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान तलाशने की कोशिश की जा सकती है। पुतिन ने मोदी की स्थिति को तटस्थ बताते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री की प्राथमिक दिलचस्पी संघर्ष को समाप्त करने में है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रयासों के लिए धन्यवाद भी जताया और कहा कि रूस शांतिपूर्ण तरीके से जल्द से जल्द संघर्ष खत्म करने की उनकी इच्छा की सराहना करता है।
भारत लगातार संवाद और कूटनीति की बात करता रहा है
रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत ने सार्वजनिक तौर पर बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है। अगस्त 2026 में किर्गिस्तान के बिश्केक में पुतिन से मुलाकात के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत सभी शांति प्रयासों का समर्थन करता रहेगा और युद्ध को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है। इसके बाद सितंबर में नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और पुतिन की मुलाकात हुई थी। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
पुतिन का बयान ऐसे समय आया जब युद्ध पर कूटनीतिक चर्चा जारी है
पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर अलग-अलग स्तर पर बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों की चर्चा जारी है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को खत्म करने के संभावित रास्तों को लेकर दोनों पक्षों के रुख में अंतर बना हुआ है। ऐसे में पुतिन द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के “अच्छे विचारों” और शांतिपूर्ण समाधान की कोशिशों का सार्वजनिक रूप से उल्लेख भारत की ओर से लगातार अपनाए जा रहे संवाद और कूटनीति के रुख के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।