उत्तरप्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर फिलहाल थम गया है। शनिवार सुबह प्रदेश के ज्यादातर जिलों में धूप निकली और मौसम विभाग ने किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया। हालांकि बारिश रुकने के बावजूद कई इलाकों में बाढ़ का संकट बना हुआ है। गंगा, शारदा समेत करीब 15 नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं।
उन्नाव में सई नदी का पानी 12 से ज्यादा गांवों में घुस गया है। वहीं लखनऊ के निचले इलाकों में सई और गोमती नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जगहों पर 5 फीट तक पानी भर गया है। कई जिलों में सड़कें जलमग्न हैं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्नाव में 12 से ज्यादा गांवों में घुसा नदी का पानी
उन्नाव में सई नदी के बढ़े जलस्तर से 12 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। नदी का पानी गांवों में पहुंचने से घरों और दुकानों में पानी भर गया है।इलाके में सड़कें भी जलमग्न हो गई हैं। इसके अलावा हजारों बीघे धान की फसल पानी में डूब गई है, जिससे किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
लखनऊ के निचले इलाकों में 5 फीट तक पानी
राजधानी लखनऊ में सई और गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई जगहों पर 5 फीट तक पानी भरने की जानकारी है।जलभराव के कारण सड़कों पर पानी जमा है और लोगों के आवागमन पर भी असर पड़ा है। बारिश थमने के बावजूद नदियों का जलस्तर बढ़ना स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
बाराबंकी में सरयू उफान पर
बाराबंकी में सरयू नदी उफान पर है। नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच करीब 1100 साल पुराने बाबा नारायण दास मंदिर का एक हिस्सा पिछले चार दिनों से नदी में लटका हुआ है।नदी के आसपास के इलाकों में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।कुशीनगर में गंडक नदी लगातार कटान कर रही है। पिछले 48 घंटे में 6 रिहायशी झोपड़ियां और 2 पक्के मकान नदी में समा चुके हैं।कटान के कारण नदी किनारे रहने वाले परिवारों के सामने घर और सुरक्षित स्थान की समस्या पैदा हो गई है।
गोंडा में घाघरा खतरे के निशान से ऊपर
गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ के कारण करीब 30 गांव टापू में तब्दील हो गए हैं और 25 हजार से ज्यादा की आबादी प्रभावित बताई जा रही है।कई इलाकों में गलियों के भीतर भी पानी भर गया है, जिसके चलते नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
टेढ़ी नदी में डूबे 3 बच्चे, 2 की मौत
गुरुवार शाम टेढ़ी नदी में नहाने गए तीन बच्चे डूब गए। इनमें से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चे को बचा लिया गया।घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
30 सितंबर के साथ खत्म हुआ मानसूनी सीजन
उत्तर प्रदेश में मानसूनी सीजन आधिकारिक तौर पर खत्म हो चुका है। दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है।इस मानसून सीजन में उत्तर प्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई। हालांकि मानसून की बारिश थमने के बाद भी नदियों में बढ़े जलस्तर के कारण कई जिलों में बाढ़ और कटान की स्थिति बनी हुई है।