नई दिल्ली - दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुए गंभीर घटनाक्रम के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमकर सराहना की। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल पर बातचीत की और मुश्किल हालात में उनकी सूझबूझ तथा धैर्य की प्रशंसा की। इस घटना में विमान में सवार 174 लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी।
घायल होने के बावजूद नहीं छोड़ी हिम्मत
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की यह उड़ान दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार और सह-पायलट के बीच गंभीर घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, सह-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया और विमान तेजी से नीचे आने लगा। कैप्टन स्मित खुद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने अंदर पहुंचकर सह-पायलट को काबू किया। विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभाला और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
पीएम मोदी से बातचीत में बताया पूरा घटनाक्रम
अस्पताल से प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि वह पिछले 17 वर्षों से विमान उड़ा रहे हैं और करीब 11 साल से कैप्टन हैं। उन्होंने कहा कि उस समय विमान के तेजी से नीचे जाने का एहसास उन्हें हो गया था और उन्हें पता था कि अगर तुरंत कुछ नहीं किया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। घायल अवस्था में फर्श पर पड़े होने के बावजूद उन्होंने बची हुई ताकत का इस्तेमाल करके कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। उनके इस कदम के बाद यात्रियों और चालक दल को अंदर पहुंचने का रास्ता मिला और हमलावर को काबू किया जा सका।
‘हनुमान चालीसा’ का किया पाठ
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि संकट की घड़ी में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता जताई। इसके जवाब में स्मित ने कहा कि वह देश से दूर जरूर हैं, लेकिन अपनी संस्कृति से दूर नहीं हैं। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि भारत में उनके लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं। बातचीत के दौरान दोनों के बीच कुछ समय गुजराती में भी संवाद हुआ।
पीएम मोदी ने कहा- देश को आप पर गर्व है
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित के साहस को लेकर कहा कि उन्होंने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना दूसरों की जान बचाने के लिए जोखिम उठाया। मोदी ने कहा कि उनकी सूझबूझ और त्वरित निर्णय ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। इससे एक दिन पहले भी प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित की बहादुरी की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की थी। PIB के मुताबिक, मोदी ने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया।
174 लोगों की जान पर मंडरा रहा था खतरा
फ्लाइट FZ1073 में कुल 174 लोग सवार थे। घटना के दौरान विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था और रिपोर्टों के अनुसार कुछ ही समय में यह लगभग 14 हजार फीट नीचे आ गया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ा गया, जहां उसे सुरक्षित उतारा गया। इजराइली अधिकारियों ने घटना को गंभीर सुरक्षा घटना बताया है। सह-पायलट के हमले के पीछे का मकसद अभी जांच का विषय है। फ्लाईदुबई ने भी घटना के कारणों को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचने की बात कही है।
पहले भी पीएम ने बताया था ‘हीरो’
कैप्टन स्मित की बहादुरी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को भी प्रतिक्रिया दी थी। PIB के अनुसार, उन्होंने कहा था कि स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बिना संकट का सामना किया और बड़ी त्रासदी को टालने में भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की थी। अब अस्पताल में इलाज करा रहे कैप्टन स्मित ने भरोसा जताया है कि वह जल्द पूरी तरह स्वस्थ होंगे। उनकी इस घटना की कहानी ने विमान में मौजूद यात्रियों को बचाने के लिए उठाए गए उनके जोखिम और संकट के बीच लिए गए तत्काल फैसले को सामने रखा है। वहीं, घटना की पूरी परिस्थितियों और सह-पायलट की मंशा को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है।