New Delhi | हर साल 2 अक्टूबर यानी महात्मा गांधी जयंती के मौके पर देश के कई राज्यों में शराब की दुकानें और शराब बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठान बंद रहते हैं। इसे आम तौर पर Dry Day कहा जाता है। हालांकि, यह नियम पूरे देश में किसी एक केंद्रीय आदेश के तहत समान रूप से लागू नहीं होता। शराब से जुड़े नियम और ड्राई डे घोषित करने का अधिकार मुख्य रूप से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आबकारी व्यवस्था के तहत आता है। उदाहरण के तौर पर राजस्थान के आबकारी विभाग की आधिकारिक सूची में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर ड्राई डे घोषित किया गया है। गोवा सरकार भी गांधी जयंती पर शराब की बिक्री और सेवन के लिए निर्धारित परिसरों को बंद रखने संबंधी आदेश जारी कर चुकी है।
आखिर गांधी जयंती पर क्यों होता है Dry Day?
2 अक्टूबर को ड्राई डे रखने के पीछे महात्मा गांधी के नशाबंदी संबंधी विचारों को एक प्रमुख ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भ के रूप में देखा जाता है। गांधी शराब के सेवन को सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं से जोड़ते थे और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान नशाबंदी को भी सामाजिक सुधार के मुद्दे के रूप में उठाते रहे। इसी पृष्ठभूमि में गांधी जयंती जैसे राष्ट्रीय अवसर पर शराब की बिक्री रोकने की परंपरा कई राज्यों की आबकारी नीतियों में शामिल हुई। हालांकि, इसकी कानूनी व्यवस्था राज्य-दर-राज्य अलग हो सकती है।
Dry Day का मतलब क्या होता है?
Dry Day का सामान्य अर्थ उस दिन से है जब किसी निर्धारित क्षेत्र में शराब की बिक्री पर रोक रहती है। इसका मतलब हर जगह शराब का सेवन भी पूरी तरह प्रतिबंधित होना जरूरी नहीं है। उदाहरण के लिए राजस्थान आबकारी विभाग स्पष्ट करता है कि ड्राई डे पर राज्य में शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहती है, जबकि शराब का सेवन अपने आप में प्रतिबंधित नहीं होता। ड्राई डे के दौरान शराब की दुकानें और लाइसेंस प्राप्त बिक्री केंद्र बंद रखने पड़ सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित आबकारी कानून और लाइसेंस शर्तों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
सिर्फ 2 अक्टूबर ही नहीं, इन मौकों पर भी Dry Day
कई राज्यों में गांधी जयंती के अलावा कुछ अन्य राष्ट्रीय और महत्वपूर्ण अवसरों पर भी ड्राई डे रखा जाता है। इनमें आम तौर पर:
- 26 जनवरी — गणतंत्र दिवस
- 15 अगस्त — स्वतंत्रता दिवस
- 2 अक्टूबर — गांधी जयंती
इसके अलावा कुछ राज्यों में धार्मिक त्योहारों, शहीद दिवस, चुनाव, मतदान या मतगणना जैसे अवसरों पर भी अलग से ड्राई डे घोषित किया जा सकता है। हालांकि, इसकी सूची हर राज्य में समान नहीं होती। राजस्थान की आधिकारिक सूची में गणतंत्र दिवस, शहीद दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के साथ महावीर जयंती भी शामिल है।
संविधान में शराब को लेकर क्या कहा गया है?
महात्मा गांधी के विचारों के साथ-साथ शराबबंदी का एक संवैधानिक संदर्भ भी है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 47 में राज्य को लोगों के पोषण स्तर, जीवन स्तर और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इसी अनुच्छेद में राज्य से अपेक्षा की गई है कि वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले पेय और नशीली दवाओं के सेवन पर, औषधीय उद्देश्यों को छोड़कर, रोक लगाने की दिशा में प्रयास करे। ध्यान देने वाली बात यह है कि अनुच्छेद 47 नीति निर्देशक तत्वों का हिस्सा है। यानी यह सरकारों के लिए संवैधानिक दिशा-निर्देश है, अपने आप में ऐसा प्रावधान नहीं है जो हर राज्य में एक समान शराबबंदी लागू कर दे।
यह नियम कौन तय करता है?
शराब का मामला संविधान की राज्य सूची में आता है। राज्य सूची की एंट्री 8 में intoxicating liquors यानी नशीली शराब के उत्पादन, निर्माण, कब्जे, परिवहन, खरीद और बिक्री को शामिल किया गया है। इसलिए शराब की बिक्री, लाइसेंसिंग और ड्राई डे से जुड़े नियम बनाने में राज्य सरकारों और उनके आबकारी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही कारण है कि 2 अक्टूबर को ड्राई डे के नियम पूरे देश में बिल्कुल एक जैसे नहीं होते। किसी राज्य में पूरी तरह बिक्री बंद हो सकती है, तो किसी विशेष क्षेत्र या लाइसेंस श्रेणी के लिए अलग नियम या छूट हो सकती है। दिल्ली में भी आबकारी विभाग ने अलग-अलग वर्षों के लिए ड्राई डे संबंधी आदेश जारी किए हैं। उदाहरण के तौर पर दिल्ली के एक आधिकारिक आदेश में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के लिए ड्राई डे घोषित किया गया था और लाइसेंसधारकों के लिए बिक्री संबंधी प्रतिबंध निर्धारित किए गए थे।
कुछ राज्यों में पहले से ही शराबबंदी
देश में कुछ ऐसे राज्य और केंद्र शासित क्षेत्र भी हैं जहां व्यापक शराबबंदी या कड़े प्रतिबंध पहले से लागू हैं। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक दस्तावेज में गुजरात, बिहार, लक्षद्वीप, मणिपुर, मिजोरम और नगालैंड समेत कुछ क्षेत्रों में शराबबंदी या कड़े शराब नियंत्रण कानूनों का उल्लेख किया गया है। ऐसे स्थानों पर 2 अक्टूबर का नियम उस राज्य की पहले से लागू शराब नीति से अलग संदर्भ में देखा जाता है।
शराब से मिलने वाला राजस्व भी बड़ा मुद्दा
शराब पर नियंत्रण और शराबबंदी को लेकर राज्यों के सामने सार्वजनिक स्वास्थ्य और राजस्व, दोनों से जुड़े सवाल रहते हैं। शराब की बिक्री से राज्यों को आबकारी राजस्व प्राप्त होता है, जबकि दूसरी ओर शराब के स्वास्थ्य और सामाजिक प्रभावों को लेकर सरकारें नियंत्रण के उपाय अपनाती हैं। इसी वजह से पूर्ण शराबबंदी और सीमित प्रतिबंधों को लेकर अलग-अलग राज्यों की नीतियां अलग हैं।
2 अक्टूबर का एक और महत्व
2 अक्टूबर सिर्फ गांधी जयंती के कारण महत्वपूर्ण नहीं है। इसी दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जाती है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र ने 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में घोषित किया है। इस तरह गांधी जयंती पर ड्राई डे की व्यवस्था को महात्मा गांधी के नशामुक्ति संबंधी विचारों, सार्वजनिक स्वास्थ्य की संवैधानिक दिशा और राज्यों की आबकारी नीतियों—इन तीनों संदर्भों में समझा जा सकता है।
अपने शहर में 2 अक्टूबर का नियम कैसे पता करें?
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके शहर में 2 अक्टूबर 2026 को शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी या किसी तरह की छूट है, तो अपने राज्य के आबकारी विभाग की ताजा अधिसूचना देखना सबसे भरोसेमंद तरीका है। 2026 में भी अलग-अलग क्षेत्रों के लिए स्थानीय आदेश जारी किए जा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर मेघालय के West Khasi Hills जिले में 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर ड्राई डे का आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।