भोपाल: मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के बाद प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और परिवहन एवं उच्च शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने उनके दौरे और सरकार पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। दोनों नेताओं ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर सवाल उठाए और राज्य सरकार की ओर से बालाघाट में किए गए कामों का उल्लेख किया। राहुल गांधी ने गुरुवार को बालाघाट के बिरसा ब्लॉक के जगला गांव पहुंचकर बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, जमीन और वनाधिकार से जुड़े मुद्दे उठाए और इन्हें लोकसभा में उठाने की बात कही।
राजेंद्र शुक्ल बोले- ‘पॉलिटिकल टूरिज्म’ कर रहे राहुल गांधी
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर कहा कि वे बालाघाट में गंभीर नजर नहीं आए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी घटना के करीब तीन महीने बाद बालाघाट पहुंचे हैं और उनका दौरा राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। राजेंद्र शुक्ल ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार आदिवासी क्षेत्रों के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर काम कर रही है। उन्होंने बालाघाट के दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी, अस्पताल और आंगनवाड़ी केंद्र जैसी सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया।
नक्सलवाद को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल में बालाघाट में नक्सलवाद की स्थिति का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने वर्ष 1999 में तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार में मंत्री रहे लखीराम कांवरे की नक्सलियों द्वारा हत्या का उल्लेख किया। राजेंद्र शुक्ल ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने बालाघाट के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सल गतिविधियों को समाप्त करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पहले नक्सल प्रभाव था, वहां अब विकास से जुड़ी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं का भी किया जिक्र
राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि नक्सल प्रभावित दो विकासखंडों में करीब 45 हजार लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग की गई है। उनके अनुसार, क्षेत्र में 14 नए आंगनवाड़ी केंद्र और 10 उप स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं। एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 30 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड किए जाने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि बालाघाट में बच्चों की मौत की घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रभारी मंत्री और अन्य अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था। सरकार की ओर से स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के कदम उठाए गए हैं।
लाड़ली बहना और आहार अनुदान योजना का मुद्दा
राजेंद्र शुक्ल ने राहुल गांधी के उन सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें आदिवासी महिलाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि बैगा, भारिया और सहरिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए आहार अनुदान योजना के तहत सहायता दी जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का भी उल्लेख किया। उपमुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर चिंता जताई थी।
उदय प्रताप सिंह बोले- राहुल ने केवल औपचारिकता निभाई
परिवहन एवं उच्च शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी राहुल गांधी के बालाघाट दौरे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने बालाघाट आकर केवल औपचारिकता निभाई। उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चों की मौत की घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश सरकार के मंत्री प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे थे। उनके मुताबिक, सरकार ने प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस जमीनी स्तर पर काम करने पर है और बालाघाट के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
स्कूल और विकास कार्यों को लेकर भी पलटवार
उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने के जवाब में कहा कि सरकार की ओर से स्कूलों और दूसरी सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने जिन क्षेत्रों का दौरा किया, वहां स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई और शिक्षकों की मौजूदगी देखी जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख नहीं किया।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी ने जगला गांव में प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश सरकार पर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि बीमारी और कुपोषण से प्रभावित परिवारों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है और आदिवासी जमीन, पट्टे तथा वनाधिकार कानून से जुड़े मामलों का समाधान होना चाहिए। उन्होंने मनरेगा के जरिए रोजगार और आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत भी बताई। राहुल गांधी ने कहा कि बालाघाट के मुद्दे को वह लोकसभा में उठाएंगे।
बच्चों की मौत का मामला बना राजनीतिक मुद्दा
बालाघाट के बैगा बहुल क्षेत्रों में बच्चों की मौत के मामले को लेकर सरकारी आंकड़ों और कांग्रेस के दावों में अंतर बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड में बीमारी से 32 बच्चों की मौत का उल्लेख है, जबकि कांग्रेस की ओर से इससे अधिक संख्या का दावा किया गया है। इसी मामले को लेकर राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, जबकि प्रदेश सरकार के नेताओं ने उनके आरोपों पर जवाब दिया है। ऐसे में बालाघाट का स्वास्थ्य और आदिवासी कल्याण से जुड़ा मुद्दा अब राजनीतिक बहस का भी प्रमुख विषय बन गया है।