नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना के बाद भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार चर्चा में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान कैप्टन और को-पायलट के बीच संघर्ष हुआ और कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद विमान में मौजूद लोगों की मदद से स्थिति पर काबू पाया गया और विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें ‘हीरो’ बताया। पीएम मोदी ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया।
कॉकपिट में क्या हुआ?
रिपोर्टों के अनुसार फ्लाइट FZ1073 दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ। कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भूमिका निभाई, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। घटना की पूरी परिस्थितियों और हमले के मकसद की जांच अभी जारी है। फ्लाईदुबई ने घटना को लेकर जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने की अपील की है।
14,000 फीट से ज्यादा नीचे आया विमान
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी अचानक तेजी से नीचे आने लगा। रिपोर्टों के मुताबिक विमान ने लगभग 14,000 से अधिक फीट की ऊंचाई बहुत कम समय में खो दी। विमान की इस तेज गिरावट के दौरान आपातकालीन संकेत भी भेजे गए। बाद में विमान को नियंत्रित कर सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां इसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई।
तबुक में हुआ इमरजेंसी लैंडिंग
घटना के बाद फ्लाइट को उसके मूल गंतव्य तेल अवीव के बजाय तबुक, सऊदी अरब डायवर्ट किया गया। विमान में सवार यात्रियों को सुरक्षित बताया गया। कैप्टन स्मित मच्छार और को-पायलट दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक मच्छार का तबुक के अस्पताल में इलाज चल रहा है और भारतीय दूतावास उनकी स्थिति पर नजर रख रहा है।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
स्मित मच्छार भारतीय नागरिक हैं और मुंबई से जुड़े बताए जा रहे हैं। वे जून 2022 से फ्लाईदुबई के बोइंग 737 बेड़े में कैप्टन के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे करीब 11 वर्षों तक स्पाइसजेट के साथ काम कर चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार उनके पास करीब 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव है।
PM मोदी ने की बहादुरी की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सबसे बड़े खतरे के सामने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और अटूट संकल्प दिखाया। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने कैप्टन मच्छार के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
घटना की जांच जारी
फ्लाईदुबई की इस घटना को लेकर सऊदी अरब और संबंधित अधिकारी जांच कर रहे हैं। को-पायलट की भूमिका, कॉकपिट में संघर्ष की वजह और घटना के पीछे के मकसद से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि विमान में गंभीर आपात स्थिति पैदा हुई, विमान ने तेजी से ऊंचाई खोई और बाद में उसे तबुक में सुरक्षित उतारा गया। घटना के अन्य पहलुओं पर जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी।