नई दिल्ली: भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने अरब सागर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ईरानी धौ को पकड़ा है। लक्षद्वीप के पश्चिम में भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में की गई इस कार्रवाई के दौरान करीब 526 किलोग्राम हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 3,000 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है। नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई गुजरात ATS से मिले खुफिया इनपुट के आधार पर की गई। तटरक्षक बल ने समुद्री और हवाई निगरानी के जरिए संदिग्ध नाव की लगातार निगरानी की और 25 सितंबर को उसका पीछा करते हुए उसे रोक लिया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने नाव पर सवार चालक दल को हिरासत में लेकर तलाशी ली।
16 दिनों तक चला ऑपरेशन
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह संयुक्त अभियान 14 से 30 सितंबर के बीच चला। खुफिया जानकारी मिलने के बाद तटरक्षक बल के संसाधनों ने संदिग्ध नाव की समुद्र और हवा से निगरानी शुरू की। 25 सितंबर को लक्षद्वीप के पश्चिम में भारतीय EEZ के भीतर नाव को इंटरसेप्ट किया गया। यह स्थान लक्षद्वीप से करीब 160 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम और मुंबई से लगभग 490 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम में बताया गया है। तटरक्षक बल ने लगातार ट्रैकिंग के बाद ‘हॉट परस्यूट’ शुरू किया और संदिग्ध ईरानी धौ पर रणनीतिक तरीके से बोर्डिंग की। कार्रवाई के दौरान पांच पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया।
526 किलो मादक पदार्थ बरामद
तलाशी के दौरान नाव से कुल करीब 526 किलो मादक पदार्थ बरामद हुए। इनमें मेथामफेटामाइन और हेरोइन शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा है। गुजरात ATS की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, जांच एक अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स नेटवर्क से जुड़े इनपुट के बाद शुरू हुई थी। रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि संदिग्ध ईरानी नाव का नाम ‘Azad’ था और खेप को भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचाने के बाद आगे ट्रांसफर किए जाने की आशंका थी। हालांकि, इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और खेप के अंतिम प्राप्तकर्ताओं की पहचान की जांच अभी जारी है।
नाव और जब्त खेप मुंबई लाई गई
इंटरसेप्शन के बाद ईरानी नाव, उसके चालक दल और बरामद मादक पदार्थों को सशस्त्र सुरक्षा के बीच मुंबई लाया गया। यहां संयुक्त पूछताछ और आगे की बहु-एजेंसी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य इस पूरे नेटवर्क और ड्रग्स के संभावित रिसीवरों की पहचान करना है। अरब सागर के समुद्री मार्गों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क द्वारा किए जाने की आशंका के बीच यह कार्रवाई समुद्री निगरानी और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगे की जांच में जब्त खेप के स्रोत, गंतव्य और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।