नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठे विवादों और केंद्र सरकार पर चुनाव में धांधली के आरोपों के बीच विपक्षी एकजुटता दिखाने के लिए बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली, जिसके बाद दोपहर ढाई बजे विपक्षी नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के खिलाफ अपनी भावी रणनीति और आंदोलनों की घोषणा की। बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), सीपीआई(एम) समेत 19 विपक्षी दल शामिल हुए, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) और डीएमके (DMK) इस बैठक में अनुपस्थित रहे। वहीं, व्यस्तता के कारण समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने दो सांसदों को प्रतिनिधि के रूप में भेजा।
विपक्ष की चार मुख्य मांगें
संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान 'इंडिया' गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए चार प्रमुख मांगें रखीं। पहली मांग यह है कि आगामी सभी चुनाव प्री-एसआईआर (SIR से पहले) की मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएं। दूसरी, किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे पर्याप्त कारणों के साथ नोटिस दिया जाए। तीसरी, प्रशासनिक कमियों या दस्तावेजों के अभाव में हटे वैध मतदाताओं को कानूनी सुरक्षा दी जाए और चौथी सबसे प्रमुख मांग ईवीएम (EVM) की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की है।
देशव्यापी आंदोलन और मार्च का रोडमैप
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घोषणा की कि 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में जिला स्तर पर 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी दलों के सांसद राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक विरोध मार्च निकालेंगे। इसके अलावा, अक्टूबर और नवंबर महीने में देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच बड़ी रैलियां की जाएंगी और 1 जनवरी को दिल्ली में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित होगा। खड़गे ने यह भी बताया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चिंताओं को लेकर अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा जाएगा।

ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर तीखे हमले
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की और कहा कि इस्तीफा न मिलने पर आंदोलन और तेज होगा। वहीं राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार को किस आधार पर पूर्ण कानूनी सुरक्षा मिली हुई है। राहुल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को केंद्र सरकार के इशारे पर इस्तेमाल किया जा रहा है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी दावा किया कि चुनाव आयोग के अंदर से ही अनियमितताओं की बातें सामने आ रही हैं।
गठबंधन और अंदरूनी राजनीतिक हलचल
एक तरफ जहां गठबंधन मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के भीतर पुराने फैसलों को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिली। सूत्रों के अनुसार, जेडीयू (JDU) के एनडीए में वापस जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं के बीच चर्चा हुई, जहां सोनिया गांधी ने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार का रुख पहले से ही सत्तारूढ़ गठबंधन की तरफ था। हालांकि, इन आंतरिक चर्चाओं से अलग, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब की बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, मेहबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और सुप्रिया सुले समेत अन्य नेताओं ने मंच साझा कर चुनावी और कानूनी लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने का साझा संकल्प जताया।