कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावनाओं के बीच बुधवार को नवान्न में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में राज्य में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
करीब दो घंटे चली बैठक
रिपोर्टों के मुताबिक, रिलायंस के अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल नवान्न पहुंचा था। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली और इसमें पश्चिम बंगाल में रिलायंस के कारोबार के विस्तार की संभावनाओं पर बातचीत हुई।
किन क्षेत्रों में निवेश की चर्चा?
रिलायंस की ओर से पश्चिम बंगाल में कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशे जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें बुनियादी ढांचा, बिजली और ऊर्जा, स्वास्थ्य क्षेत्र, परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी और फिल्म उद्योग जैसे क्षेत्र शामिल बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज और सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल के तहत परियोजनाओं की संभावना पर भी चर्चा हुई।
रोजगार के नए अवसरों पर भी जोर
बैठक में निवेश के साथ रोजगार सृजन का मुद्दा भी अहम रहा। मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विस्तार और रोजगार के अवसर बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया। राज्य सरकार की ओर से बड़े उद्योग समूहों को निवेश के लिए आकर्षित करने की कोशिशों के बीच रिलायंस के साथ यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दिघा के अंडरसी केबल प्रोजेक्ट पर भी चर्चा
बैठक में रिलायंस जियो की ओर से पूर्व मेदिनीपुर के दिघा में विकसित किए जा रहे अंडरसी केबल लैंडिंग स्टेशन का मुद्दा भी उठा। इस परियोजना के आने वाले महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इससे इंटरनेट कनेक्टिविटी और डेटा ट्रांसफर क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलने की बात कही गई है।
मुंबई में अंबानी से मुलाकात के बाद नवान्न में बैठक
रिलायंस के अधिकारियों के साथ यह बैठक मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की 21 सितंबर को मुंबई में मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी से मुलाकात के कुछ दिनों बाद हुई है। उस मुलाकात में भी पश्चिम बंगाल में रिलायंस के कारोबार के विस्तार और नए निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई थी।
निवेश की राशि पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं
फिलहाल राज्य सरकार या रिलायंस की ओर से किसी निश्चित निवेश राशि, परियोजना की अंतिम सूची या उसकी समयसीमा की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए अभी इसे संभावित निवेश की दिशा में हुई चर्चा के तौर पर देखा जा रहा है।