नई दिल्ली: दिल्ली में बुधवार को INDIA ब्लॉक की अहम बैठक हुई, जिसमें चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया। बैठक में ममता बनर्जी, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे।
ममता बनर्जी ने की ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो INDIA ब्लॉक की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ममता ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर भी चिंता जताई।
चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरेगा विपक्ष
INDIA ब्लॉक ने बैठक के बाद देशभर में संयुक्त आंदोलन चलाने का फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती से जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च शुरू किया जाएगा। यह कार्यक्रम 8 अक्टूबर तक चलाने की योजना है, जिसके जरिए विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाएंगे।
6 अक्टूबर को चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च
कार्यक्रम के दूसरे चरण में 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे। लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी सांसद इस मार्च में शामिल होंगे। इसके जरिए विपक्ष SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े अपने सवालों को सामने रखेगा।
राष्ट्रपति से मिलने का भी बनाया प्लान
INDIA ब्लॉक ने राष्ट्रपति से मुलाकात का भी कार्यक्रम तय किया है। विपक्षी दलों के नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगेंगे। इस मुलाकात के दौरान चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को सामने रखने की तैयारी है।
पांच बड़े शहरों में होंगी जनसभाएं
विपक्षी गठबंधन ने देश के पांच बड़े शहरों में जनसभाएं आयोजित करने का भी फैसला किया है। इन सभाओं में चुनावी प्रक्रिया और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। हालांकि, इन जनसभाओं के लिए शहरों की पूरी सूची अभी सामने नहीं आई है।
नवंबर में दिल्ली में मेगा रैली
INDIA ब्लॉक नवंबर की शुरुआत में दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करेगा। रिपोर्टों के मुताबिक 1 नवंबर को प्रस्तावित इस मेगा रैली में विपक्षी नेता चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। राहुल गांधी और ममता बनर्जी समेत कई प्रमुख नेताओं के इसमें शामिल होने की बात सामने आई है।
मतदाता सूची को लेकर छह प्रमुख मांगें
बैठक में INDIA ब्लॉक की ओर से चुनावी सुधारों से जुड़ी छह प्रमुख मांगें भी सामने रखी गईं। इनमें भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची के इस्तेमाल, मतदाता सूची में संशोधन की पूरी पारदर्शिता, किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उचित सूचना और अपील की व्यवस्था शामिल है। गठबंधन ने पात्र मतदाताओं को प्रशासनिक खामियों के कारण सूची से बाहर होने से बचाने की मांग भी रखी है।
EVM की जगह बैलेट पेपर की मांग
INDIA ब्लॉक ने मतदान के लिए EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी दोहराई। इसके साथ ही पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए आसान और सुलभ मतदाता पंजीकरण व्यवस्था की मांग रखी गई। छठे बिंदु में चुनाव आयोग की संस्थागत जवाबदेही और ऐसी व्यवस्था की मांग की गई, जिस पर सभी राजनीतिक दलों का भरोसा कायम हो।
SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद
SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूची में संशोधन को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। INDIA ब्लॉक का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी योग्य मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के नहीं हटना चाहिए। दूसरी ओर, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े इन आरोपों और दावों पर संबंधित संस्थाओं का पक्ष अलग हो सकता है; इसलिए इन्हें विपक्ष के आरोप और राजनीतिक मांग के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
INDIA ब्लॉक में एकजुटता दिखाने की कोशिश
बैठक का एक अहम संदेश विपक्षी दलों की संयुक्त रणनीति भी रहा। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि गठबंधन की पार्टियां मिलकर आगे की लड़ाई लड़ेंगी। हालांकि, बैठक में सभी विपक्षी सहयोगी दल शामिल नहीं हुए। रिपोर्टों के अनुसार आम आदमी पार्टी और डीएमके बैठक से दूर रहे, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से भी अलग स्तर पर प्रतिनिधित्व की बात सामने आई।