लखनऊ - उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच होने वाले राज्यसभा चुनाव ने भी राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी की ओर से राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने के बाद बीजेपी और सपा के बीच जुबानी वार-पलटवार शुरू हो गया है। इसी कड़ी में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी के 25 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं।
‘सरप्राइज हम देंगे’, केशव मौर्य का दावा
पत्रकारों से बातचीत के दौरान केशव प्रसाद मौर्य से जब सपा विधायकों के बीजेपी के संपर्क में होने की चर्चा को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि संख्या 10 नहीं बल्कि 25 है। उन्होंने कहा कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारी कर रही है और समय आने पर ‘सरप्राइज’ दिया जाएगा। मौर्य ने सपा और विपक्षी गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष की एकजुटता पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान विपक्ष अलग-अलग दावे करता है और नतीजों के बाद हार की जिम्मेदारी चुनाव आयोग या ईवीएम पर डालता है। ये बातें केशव मौर्य के राजनीतिक आरोप और बयान हैं।
राज्यसभा चुनाव में सपा का दांव
उत्तर प्रदेश से इस बार राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक मतदान 16 अक्टूबर को होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को और नाम वापसी 9 अक्टूबर तक हो सकेगी। सपा ने राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। दोनों ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन भी दाखिल किया। धनराज नथवानी के नाम को पार्टी की ओर से एक अलग तरह के उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि वे रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन से भी जुड़े हैं।
अखिलेश ने भी किया था ‘सरप्राइज’ का जिक्र
राज्यसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने भी पहले ‘सरप्राइज’ देने की बात कही थी। इसके बाद सपा ने धनराज नथवानी को अपना उम्मीदवार घोषित किया। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर सपा दो सीटों पर जीत की स्थिति में है, जबकि अतिरिक्त सीट के लिए उसे दूसरे विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।
यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव में संभावित क्रॉस-वोटिंग और विधायकों के पाला बदलने की चर्चाएं राजनीतिक बहस का हिस्सा बनी हुई हैं। हालांकि, केशव मौर्य द्वारा 25 सपा विधायकों के बीजेपी के संपर्क में होने का दावा फिलहाल उनकी ओर से किया गया राजनीतिक दावा है; इन विधायकों के नाम या स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
16 अक्टूबर को साफ होगी तस्वीर
राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारों की संख्या और विधानसभा में दलों की मौजूदा संख्या के बीच मुकाबले के समीकरण पर नजर रहेगी। बीजेपी और सपा दोनों ही अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं। ऐसे में केशव मौर्य का 25 विधायकों वाला दावा आने वाले दिनों में यूपी की सियासत में चर्चा का बड़ा विषय बन सकता है। अंतिम स्थिति मतदान और उसके बाद सामने आने वाले परिणामों से ही स्पष्ट होगी।