लखनऊ - उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ संभावित गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। मंगलवार को संभल में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि मायावती और उनकी पार्टी के साथ मिलकर काम किया जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन के लिए दोनों पक्षों की ओर से पहल जरूरी होगी।
‘दोनों साथ काम करें, ऐसी इच्छा है’
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि समाज के पढ़े-लिखे वर्ग, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता और पीड़ित समुदाय के लोग चाहते हैं कि बसपा और आजाद समाज पार्टी साथ मिलकर काम करें। उनके मुताबिक, उनकी तरफ से पहले भी कई प्रयास किए गए, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि “एक हाथ से ताली नहीं बजती”, यानी किसी भी संभावित गठबंधन के लिए दोनों दलों की सहमति और पहल जरूरी होगी।
‘बी-टीम’ वाले आरोप पर क्या बोले?
मायावती की ओर से आजाद समाज पार्टी को भाजपा की ‘बी-टीम’ बताए जाने के सवाल पर भी चंद्रशेखर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह मायावती का सम्मान करते हैं और उनके साथ काम करने की इच्छा पहले भी जाहिर कर चुके हैं। हालांकि, चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी किसी के दरवाजे पर गठबंधन की मांग लेकर नहीं जाएगी। उनका कहना है कि पार्टी जनता के बीच जाकर अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाएगी और संगठन को मजबूत करेगी।
2027 के लिए संगठन पर जोर
चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठन विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी ने विधानसभा स्तर पर प्रभारियों की नियुक्ति शुरू कर दी है और बूथ स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। जुलाई में पार्टी ने 45 विधानसभा सीटों के लिए प्रभारी घोषित किए थे। उस समय पार्टी की ओर से कहा गया था कि इन प्रभारियों को आगे चलकर संभावित उम्मीदवारों के रूप में भी देखा जा सकता है। अब चंद्रशेखर के मुताबिक संगठन को और विस्तार दिया जाएगा तथा आने वाले समय में विधानसभा क्षेत्रों और प्रत्याशियों से जुड़े और फैसले सामने आ सकते हैं।
मायावती और चंद्रशेखर के बीच बयानबाजी
पिछले कुछ दिनों में मायावती और चंद्रशेखर आजाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आई है। मायावती ने चंद्रशेखर पर भाजपा के इशारे पर काम करने और नगीना लोकसभा चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। चंद्रशेखर ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि नगीना की जनता ने उन्हें 2024 में 5,12,552 वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना था और उस जनादेश को किसी साजिश से जोड़ना मतदाताओं की भावना को आहत करता है। चंद्रशेखर ने साथ ही कहा कि मायावती के प्रति उनका सम्मान पहले भी था और आगे भी रहेगा। उन्होंने बहुजन समाज के बीच संवाद और भाईचारा बनाए रखने की बात कही।
गठबंधन पर अभी तस्वीर साफ नहीं
चंद्रशेखर आजाद के ताजा बयान से यह स्पष्ट है कि वह बसपा के साथ मिलकर काम करने की संभावना के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन फिलहाल किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या नहीं, यह आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा। फिलहाल आजाद समाज पार्टी अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर जोर दे रही है। वहीं, मायावती की ओर से गठबंधन को लेकर आगे क्या रुख सामने आता है, इस पर भी राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।