Bhopal | मध्यप्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट नवंबर में प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है। इस अनुपूरक बजट में सरकार का फोकस पहले से स्वीकृत और जरूरी वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के साथ केंद्र से सहायता प्राप्त योजनाओं और परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर रहेगा। द्वितीय अनुपूरक बजट में नए काम शुरू करने और नए वाहनों की खरीदी से जुड़े प्रस्तावों को शामिल नहीं किया जाएगा। वित्त विभाग ने सभी सरकारी विभागों से निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव मांगे हैं।
22 अक्टूबर तक ऑनलाइन भेजने होंगे प्रस्ताव
वित्त विभाग ने सभी विभागों को 22 अक्टूबर तक एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (IFMS) के माध्यम से अपने प्रस्ताव ऑनलाइन भेजने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट जीरो बेस बजट और रोलिंग बजट अनुमान के आधार पर तैयार किया गया है। ऐसे में द्वितीय अनुपूरक बजट में केवल उन प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी वित्तीय आवश्यकता मौजूदा बजट व्यवस्था और स्वीकृत दायित्वों से जुड़ी है।
नई योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे नए प्रस्ताव, जिनमें राज्य के मौजूदा वित्तीय संसाधनों से अतिरिक्त राशि की मांग की जा रही है, उन्हें द्वितीय अनुपूरक बजट में शामिल नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल पहले से स्वीकृत कार्यों और लंबित वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में करना है।
पूर्व लंबित देनदारियों के लिए भी होगा प्रावधान
द्वितीय अनुपूरक बजट में राज्य की पूर्व लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए भी आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। इससे सरकार पर पहले से मौजूद वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में मदद मिलेगी। वित्त विभाग की ओर से विभागों को प्रस्ताव भेजते समय यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनकी मांगें निर्धारित वित्तीय प्रावधानों और सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप हों।
केंद्र से स्वीकृत योजनाओं को मिलेगी प्राथमिकता
द्वितीय अनुपूरक बजट में केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त योजनाओं और परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होने पर संबंधित विभाग प्रस्ताव भेज सकेंगे। इसमें भारत सरकार की विशेष पूंजीगत सहायता योजना के तहत स्वीकृत कार्य भी शामिल हैं। यदि इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत है, तो विभाग वित्त विभाग को इसके लिए प्रस्ताव भेज सकते हैं।
आकस्मिकता निधि से पहले मंजूर कार्य भी होंगे शामिल
जिन कार्यों के लिए राज्य की आकस्मिकता निधि से अग्रिम स्वीकृति दी जा चुकी है और वित्त विभाग की सहमति भी मिल गई है, उन्हें द्वितीय अनुपूरक बजट में शामिल किया जा सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य उन कार्यों के लिए बजट प्रावधान करना है, जिन पर पहले ही आवश्यक स्तर पर स्वीकृति दी जा चुकी है और जिनके लिए वित्तीय संसाधनों की जरूरत बनी हुई है।
नए वाहन खरीदने के प्रस्ताव नहीं होंगे शामिल
सरकार ने अनुपूरक बजट में नए वाहनों की खरीदी के प्रस्तावों को शामिल नहीं करने का फैसला किया है। इसी तरह ऐसे नए कार्यों के प्रस्ताव भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे, जिनके लिए राज्य के संसाधनों से अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। इससे संकेत मिलता है कि सरकार आगामी अनुपूरक बजट में नए खर्चों की बजाय पहले से स्वीकृत कार्यों, लंबित देनदारियों और केंद्र से जुड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर ध्यान देगी।
नवंबर के शीतकालीन सत्र में पेश होगा बजट
द्वितीय अनुपूरक बजट को नवंबर में प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। इससे पहले वित्त विभाग सभी विभागों से प्रस्ताव प्राप्त कर उनका परीक्षण करेगा और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के आधार पर आवश्यक प्रावधान तैयार किए जाएंगे। कुल मिलाकर, वित्तीय वर्ष 2026-27 के द्वितीय अनुपूरक बजट में सरकार का जोर लंबित देनदारियों, पहले से स्वीकृत कार्यों और केंद्र समर्थित योजनाओं पर रहेगा। नए कार्यों और वाहन खरीदी जैसे अतिरिक्त खर्च वाले प्रस्तावों को इससे बाहर रखा जाएगा।