नई दिल्ली - भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा स्पिनर श्री चरणी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी शानदार फॉर्म के दम पर नया मुकाम हासिल किया है। ICC की महिला T20I गेंदबाजी रैंकिंग में चरणी इस समय नंबर-1 स्थान पर हैं। महज 22 साल की उम्र में उन्होंने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खुद को दुनिया की शीर्ष T20I गेंदबाजों में स्थापित किया है।
एशिया कप में शानदार प्रदर्शन
श्री चरणी के लिए 2026 का एशिया कप बेहद खास रहा। उन्होंने टूर्नामेंट में कुल 12 विकेट अपने नाम किए। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट हासिल किए और भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई। एशिया कप में उनके प्रदर्शन का असर ICC रैंकिंग पर भी दिखाई दिया। 15 सितंबर के अपडेट में चरणी 804 रेटिंग पॉइंट्स तक पहुंच गई थीं। उस समय वह ऑस्ट्रेलिया की मेगन शट के 806 अंकों के ऑल-टाइम रिकॉर्ड से केवल दो अंक पीछे थीं।
नंबर-1 रैंकिंग तक पहुंचने का सफर
श्री चरणी पहले भी इस साल ICC महिला T20I गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल कर चुकी हैं। जून 2026 में T20 वर्ल्ड कप के दौरान उन्होंने इंग्लैंड की लिन्सी स्मिथ को पीछे छोड़कर पहली बार शीर्ष स्थान हासिल किया था। उस समय विश्व कप के शुरुआती मुकाबलों में चरणी ने तीन मैचों में 10 विकेट लेकर अपनी रैंकिंग में बड़ा उछाल हासिल किया था।
2026 में लगातार विकेटों की बारिश
चरणी की सबसे बड़ी खासियत इस साल उनकी निरंतरता रही है। एशिया कप के बाद भी उन्होंने अपने प्रदर्शन को जारी रखा और सितंबर में एशियन गेम्स के मुकाबलों में भी विकेट हासिल किए। ICC के मौजूदा प्रोफाइल के मुताबिक, 22 सितंबर तक चरणी 33 महिला T20I मुकाबलों में 62 विकेट हासिल कर चुकी थीं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4/10 रहा है।
भारतीय क्रिकेट के लिए भी बड़ी उपलब्धि
चरणी की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह महिला T20I रैंकिंग में 800 रेटिंग पॉइंट्स का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय गेंदबाज बनीं। 804 अंकों के साथ उन्होंने उस समय किसी भारतीय महिला खिलाड़ी के लिए ICC T20I रैंकिंग में सबसे ज्यादा रेटिंग पॉइंट्स का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था, जिससे उन्होंने मिताली राज के 780 अंकों के पुराने भारतीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
महज 22 साल की उम्र में श्री चरणी का यह सफर भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनकी स्पिन गेंदबाजी और लगातार विकेट लेने की क्षमता ने उन्हें 2026 में भारतीय टीम के प्रमुख गेंदबाजी विकल्पों में शामिल कर दिया है।