लखनऊ - उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के 30 सितंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होने के फैसले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने निशाना साधा। वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सीट शेयरिंग के सवाल पर कहा कि अंतिम फैसला पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा और फिलहाल कांग्रेस पूरे प्रदेश में संगठन मजबूत करने में जुटी है।
अखिलेश के बैठक में न जाने पर क्या बोले केशव मौर्य?
अखिलेश यादव के INDIA गठबंधन की बैठक से दूरी बनाने को लेकर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बैठक में कौन शामिल होता है और कौन नहीं, इससे बीजेपी को कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कांग्रेस, सपा और बसपा को लेकर दावा किया कि तीनों दल साथ मिलकर चुनाव लड़ें या अलग-अलग, बीजेपी को हराने में सफल नहीं होंगे।
केशव मौर्य ने कहा कि “तीनों 2027 का चुनाव एक साथ मिलकर लड़ेंगे तब भी हारेंगे, अलग-अलग लड़ेंगे फिर भी हारेंगे। तीसरी बार भाजपा की सरकार बनेगी।” यह 2027 के चुनाव को लेकर उनका राजनीतिक दावा है, न कि चुनाव के परिणाम का स्थापित तथ्य। उन्होंने विपक्षी दलों की बैठक के मुद्दों पर भी सवाल उठाया और कहा कि चुनाव में हार-जीत के हिसाब से कुछ मुद्दों को सही या गलत ठहराने की राजनीति की जाती है।
‘मीठा-मीठा गप्प और तीखा-तीखा थू’
केशव मौर्य ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि जो दल बीजेपी का विरोध करते हैं, वे अपने राजनीतिक हित के अनुसार मुद्दों को उठाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “मीठा-मीठा गप्प कर जाते हैं और तीखा-तीखा थू कर देते हैं।”
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब यूपी में सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत और सार्वजनिक बयानबाजी दोनों जारी हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी है, जबकि दोनों दलों के बीच अंतिम फॉर्मूला अभी तय नहीं हुआ है।
सीट शेयरिंग पर अजय राय ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय से जब विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस फिलहाल संगठन को मजबूत करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। अजय राय ने कहा कि कांग्रेस ‘संगठन सृजन’ अभियान के तहत प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों और 75 जिलों में पार्टी का संगठन मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उनके मुताबिक, कांग्रेस का लक्ष्य हर विधानसभा क्षेत्र में अपनी सांगठनिक क्षमता को मजबूत करना है।
कांग्रेस सभी 403 सीटों पर क्यों कर रही तैयारी?
कांग्रेस की ओर से सभी 403 सीटों पर संगठनात्मक तैयारी को सीट शेयरिंग की बातचीत से अलग पार्टी के संगठन विस्तार की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी गठबंधन की स्थिति में भी सभी सीटों पर संगठन को सक्रिय रखना चाहती है, ताकि अपने कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किया जा सके।
अजय राय ने यह भी कहा कि कांग्रेस फिलहाल विधान परिषद चुनाव को लेकर भी पूरी ताकत से काम कर रही है। यानी पार्टी का फोकस केवल 2027 विधानसभा चुनाव की सीटों पर नहीं, बल्कि तत्काल सामने मौजूद चुनावी गतिविधियों पर भी है।
सपा-कांग्रेस के बीच सीटों पर अभी तस्वीर साफ नहीं
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन सीटों का अंतिम बंटवारा अभी सार्वजनिक रूप से तय नहीं हुआ है। दोनों दल अपने-अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव का INDIA बैठक में शामिल न होना और केशव मौर्य की टिप्पणी इस पूरे घटनाक्रम में नया राजनीतिक बयानबाजी का दौर जोड़ती है। फिलहाल सीट शेयरिंग पर अंतिम निर्णय दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर होना है।