Mumbai | अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के बीच मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा कमजोरी रही। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 487 रुपये यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,48,410 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोना 747 रुपये यानी 0.50 प्रतिशत गिरकर 1,48,150 रुपये के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंचा। इसका दिन का उच्चतम स्तर 1,49,034 रुपये रहा।
चांदी में 1.29 प्रतिशत तक की गिरावट
दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी वायदा में मंगलवार को अधिक दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान चांदी 2,942 रुपये यानी 1.29 प्रतिशत गिरकर 2,24,500 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गई। बाद में चांदी 2,104 रुपये यानी 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,25,338 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी।
अमेरिका-ईरान तनाव और बॉन्ड यील्ड का असर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कीमती धातुओं में कमजोरी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव प्रमुख कारणों में शामिल है। तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में मजबूती बनी हुई है। इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने सोने और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों पर दबाव बढ़ाया है। ऊंची यील्ड की स्थिति में निवेशकों का रुझान यील्ड आधारित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना दबाव में
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट गोल्ड पर दबाव बना हुआ है। पिछले कारोबारी सत्र में इसमें करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी और कीमत सात सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गई थी। अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़े घटनाक्रम और वैश्विक बॉन्ड यील्ड पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। आगे सोने-चांदी की दिशा इन संकेतकों से प्रभावित हो सकती है।
सोने के लिए ये स्तर महत्वपूर्ण
कमोडिटी विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने के लिए 1,50,000 से 1,50,700 रुपये का स्तर शुरुआती रेजिस्टेंस जोन है। इसके ऊपर 1,52,000 से 1,52,600 रुपये का क्षेत्र अगला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना जा रहा है। वहीं, नीचे की ओर 1,48,000 से 1,47,300 रुपये का क्षेत्र प्रमुख सपोर्ट जोन है। 1,48,000 रुपये के नीचे मजबूत गिरावट आने पर सोने पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
चांदी के लिए 2.28 लाख रुपये अहम
चांदी के लिए 2,27,000 से 2,28,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर निकटतम रेजिस्टेंस माना जा रहा है। इसके ऊपर 2,32,000 से 2,33,000 रुपये का क्षेत्र अगला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस हो सकता है। वहीं, नीचे की ओर 2,24,000 से 2,23,000 रुपये और इसके बाद 2,20,000 से 2,19,000 रुपये का क्षेत्र प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है।
निवेशकों की नजर अमेरिकी घटनाक्रम पर
विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल सोने और चांदी दोनों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। सोने में 1.50 लाख रुपये के ऊपर टिकाव और चांदी में 2.28 लाख रुपये के ऊपर मजबूती आगे की दिशा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दूसरी ओर, प्रमुख सपोर्ट स्तर टूटने पर दोनों कीमती धातुओं में अतिरिक्त गिरावट का जोखिम बना रह सकता है। कमोडिटी बाजार में निवेशकों की नजर अब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर की चाल और अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़े ताजा घटनाक्रम पर रहेगी।