New Delhi | उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम का मिजाज बदल गया है। जम्मू-कश्मीर से उत्तराखंड तक पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी कई जगह तेज बारिश और आंधी के हालात बने हुए हैं। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण कई इलाकों में तापमान में 8 से 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम के बिगड़े हालात का असर यात्रा और जनजीवन पर भी पड़ा है। केदारनाथ मार्ग पर लगातार दूसरे दिन भूस्खलन के बाद यात्रा रोकनी पड़ी। मलबा आने के कारण 1,500 से अधिक श्रद्धालु रास्ते में फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड पहुंचाया गया। इस दौरान चट्टान की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत की भी सूचना है।
मंगलवार को नौ से अधिक राज्यों में बारिश और आंधी के आसार
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को उत्तर-पश्चिम भारत के साथ पूर्वी भारत के कई राज्यों में आंधी, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। बुधवार से कई क्षेत्रों में मौसम में राहत मिलने की संभावना है, हालांकि इसके बाद उमस बढ़ सकती है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख
29 सितंबर तथा 2 से 4 अक्टूबर के दौरान कुछ इलाकों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
उत्तराखंड
29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश और आंधी के साथ बिजली गिरने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम को देखते हुए यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
हिमाचल प्रदेश
29 सितंबर को हिमाचल के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़
29 सितंबर को कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश
दिल्ली, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात हो सकता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव कमजोर
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है। हालांकि, इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अभी भी सक्रिय है। इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ भी प्रभावी है। इसी वजह से उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, बिहार और अंडमान-निकोबार में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिलीं। मराठवाड़ा, ओडिशा, पूर्वी असम, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई।
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा निम्न दबाव
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट के पास बना गहरा निम्न दबाव पिछले कुछ घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। 28 सितंबर की रात यह सिस्टम म्यांमार तट को पार कर चुका है। अगले दो दिनों के दौरान इसके तटीय म्यांमार, पूर्वी मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश की ओर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है।
हिमाचल में बर्फबारी से 61 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार तीसरे दिन बर्फबारी हुई। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि शिमला और धर्मशाला समेत कई इलाकों में बारिश हुई। तापमान में 8 से 10 डिग्री तक गिरावट के कारण प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। खराब मौसम के कारण 61 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जबकि 49 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद रहे।
उत्तराखंड की व्यास घाटी में पांच फीट तक बर्फ
उत्तराखंड की व्यास घाटी में आदि कैलाश, नाभीढांग और कुटी क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई है। कुछ इलाकों में दो से पांच फीट तक बर्फ जम गई है। बर्फबारी के कारण कुटी से आदि कैलाश को जोड़ने वाला यात्रा मार्ग बंद हो गया है। जहां बर्फबारी से पर्यटक और श्रद्धालु आकर्षित हो रहे हैं, वहीं स्थानीय ग्रामीणों को फसलों को संभावित नुकसान की चिंता है।
बिहार में गंडक, कोसी और बागमती उफान पर
नेपाल और सीमावर्ती इलाकों में हुई भारी बारिश का असर बिहार में भी दिखाई दे रहा है। गंडक, कोसी और बागमती नदियां कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुपौल और पश्चिम चंपारण जिलों में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।
मंगलवार के बाद साफ हो सकता है मौसम
आईएमडी के अनुसार जम्मू के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अगले करीब 36 घंटों में पहाड़ी क्षेत्रों से आगे निकल सकता है। इसके बाद मंगलवार से निचले स्तर पर उत्तर-पश्चिमी हवाओं की गति बढ़ने की संभावना है। इससे उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम धीरे-धीरे साफ हो सकता है।
नेपाल में बारिश और बाढ़ से हालात बिगड़े
नेपाल में भी लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। बागलुंग में नगर पालिका भवन का एक हिस्सा नदी के कटाव के कारण ढह गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। नारायणी नदी में पानी बढ़ने के कारण एक क्रूज शिप की रस्सी टूट गई। तेज बहाव में शिप करीब 100 मीटर तक बह गया और बाद में पुल के पिलर से टकरा गया। मनांग में हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप पर हुए हिमस्खलन में मृतकों की संख्या चार पहुंच गई है। खराब मौसम और लगातार बर्फबारी के कारण राहत एवं बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं।