कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने कोलकाता में करीब 15 जगहों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई दुर्गा पूजा के प्रिव्यू शो के लिए पास बेचने और उससे जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है।
कसबा समेत कई इलाकों में पहुंची ED की टीमें
ईडी की कार्रवाई में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के कसबा स्थित आवास के अलावा हिंदुस्तान पार्क और हाइलैंड पार्क सहित कई स्थान शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चलाया जा रहा है। जांच एजेंसी वित्तीय लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
'MassArt' के जरिए प्रिव्यू शो आयोजित करने का आरोप
जांच का केंद्र 'Mahanirban Road Mass Art Society' यानी 'MassArt' नाम की संस्था से जुड़ा दुर्गा पूजा प्रिव्यू शो है। आरोप है कि संस्था ने दुर्गा पूजा पंडालों के प्रिव्यू के लिए लोगों को पास उपलब्ध कराए और इस पूरी प्रक्रिया में UNESCO से आधिकारिक साझेदारी का दावा किया गया। मामले में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुछंदा सेन समेत संस्था से जुड़े पदाधिकारियों के नाम पहले दर्ज शिकायत में सामने आए थे।
UNESCO के नाम और लोगो के इस्तेमाल की जांच
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संस्था ने खुद को UNESCO का आधिकारिक पार्टनर बताते हुए दुर्गा पूजा से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया। आरोप यह भी है कि 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने के बाद इस दावे का इस्तेमाल प्रिव्यू शो के प्रचार और पास की बिक्री में किया गया। इन आरोपों की जांच अब ईडी के दायरे में है।
1,749 से 5,499 रुपये तक में बेचे गए पास
मामले से जुड़ी शिकायत के अनुसार, 2022 से 2024 के बीच प्रिव्यू शो के लिए कथित तौर पर 1,749 रुपये से लेकर 5,499 रुपये तक के पास बेचे गए। जांच से जुड़े उपलब्ध विवरणों में दावा किया गया है कि इस अवधि में करीब 1.14 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन टिकटों और पास से प्राप्त रकम का वास्तविक इस्तेमाल किस तरह किया गया।
50 से 60 करोड़ रुपये की राशि जुटाने का आरोप
मामले में आरोप लगाया गया है कि UNESCO के नाम पर प्रिव्यू शो के जरिए करीब 50 से 60 करोड़ रुपये जुटाए गए। शिकायतकर्ताओं ने इस रकम के इस्तेमाल और कथित वित्तीय अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। ईडी फिलहाल संबंधित वित्तीय लेनदेन और पैसों के संभावित रूट की जांच कर रही है।
जून में दर्ज हुई थी शिकायत
इस मामले में जून 2026 में कोलकाता पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुछंदा सेन और MassArt से जुड़े अन्य पदाधिकारियों के नाम शामिल थे। बाद में सेन और उनकी पत्नी ने मामले में अग्रिम जमानत के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख भी किया था।
अब ED खंगाल रही वित्तीय लेनदेन
ईडी की मौजूदा कार्रवाई का एक अहम पहलू यह पता लगाना है कि प्रिव्यू शो के नाम पर जुटाई गई रकम किन खातों में गई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से वित्तीय दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है। फिलहाल छापेमारी और जांच जारी है।
आरोपों पर अंतिम तस्वीर जांच के बाद साफ होगी
इंद्रनील सेन और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोप फिलहाल जांच और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। जून में सामने आई शिकायत में MassArt के पदाधिकारियों पर आरोप लगाए गए थे, जबकि संस्था की ओर से आरोपों से इनकार किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों और अदालत की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।