नई दिल्ली - चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। नड्डा ने राहुल गांधी पर सीधे हमला करते हुए कहा कि किसी बात को बार-बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाती। उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया।
'भारत आगे बढ़ रहा, विपक्ष परेशान'
जेपी नड्डा ने कहा कि भारत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और दुनिया में देश का प्रभाव बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, ऐसे समय में कांग्रेस और INDIA गठबंधन देश की प्रगति से निराश हैं। नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास स्पष्ट नीति और विजन नहीं है और वह अलग-अलग मुद्दों के जरिए देश में भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, ये विपक्ष के खिलाफ नड्डा द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग सवाल उठाते रहे हैं।
राहुल गांधी को लेकर नड्डा का बड़ा बयान
नड्डा ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि किसी आरोप या दावे को बार-बार दोहराने से वह तथ्य नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि सत्य को पराजित नहीं किया जा सकता। नड्डा का यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। नड्डा ने यह भी कहा कि हाल में एक कथित मनगढ़ंत खबर को लेकर देशभर में राजनीतिक विवाद हुआ था और अब चुनाव आयोग की ओर से जवाब आने के बावजूद विपक्ष मुद्दे को आगे बढ़ा रहा है।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के व्यापक पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। मौजूदा विवाद में विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए हैं। सितंबर में एक रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों के बीच SIR को लेकर असहमति का दावा किया गया था। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। चुनाव आयोग ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर बीजेपी ने आयोग की प्रक्रिया का बचाव किया है। बीजेपी की ओर से कहा गया है कि SIR की प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अनुरूप है और आयोग के निर्णय निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए जा रहे हैं।
कई विपक्षी नेताओं पर भी साधा निशाना
नड्डा ने अपने बयान में केवल कांग्रेस और राहुल गांधी तक बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत अन्य विपक्षी नेताओं पर भी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने नड्डा के आरोपों का जवाब देते हुए राहुल गांधी के दावों का बचाव किया और कहा कि विपक्ष की आपत्तियों को चुनाव आयुक्तों की ओर से उठाए गए सवालों से समर्थन मिला है।
SIR विवाद पर आगे भी जारी रह सकती है सियासी तकरार
चुनाव आयोग, बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच SIR को लेकर बयानबाजी फिलहाल जारी है। बीजेपी आयोग की प्रक्रिया का बचाव कर रही है, जबकि विपक्ष इससे जुड़े निर्णयों और मतदाता सूची में संभावित बदलावों को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में SIR का मुद्दा राजनीतिक बहस के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया से जुड़े व्यापक विमर्श का हिस्सा बना रह सकता है।