कुंडा - उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी बीच कुंडा से विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने आगामी चुनाव में गठबंधन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। राजा भैया के मुताबिक, फिलहाल उनकी पार्टी की किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत नहीं चल रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समान विचारधारा वाला कोई दल आगे आता है तो गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अभी किसी दल से नहीं हुई बातचीत
मीडिया से बातचीत के दौरान राजा भैया ने कहा कि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक की ओर से इस समय किसी पार्टी या नेता के साथ गठबंधन को लेकर कोई वार्ता नहीं हो रही है। उनका कहना है कि पार्टी अपने स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां और चुनावी तैयारियां आगे बढ़ा रही है। जनसत्ता दल पहले भी चुनावी गठबंधन को लेकर अपने दरवाजे खुले रखने की बात कह चुका है। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भी राजा भैया ने कहा था कि समान मुद्दों और विचारों वाले दलों के साथ तालमेल की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
विचारधारा से मेल हुआ तो गठबंधन संभव
राजा भैया ने गठबंधन की संभावनाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर किसी राजनीतिक दल के विचार और उनकी पार्टी की सोच में समानता होती है और वह गठबंधन के लिए आगे आता है, तो बातचीत का रास्ता खुला रहेगा। इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले छोटे दलों की संभावित राजनीतिक भूमिका के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने किसी संभावित गठबंधन या सीट बंटवारे को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।
2018 में बनी थी जनसत्ता दल
रघुराज प्रताप सिंह ने नवंबर 2018 में अपनी नई राजनीतिक पार्टी की शुरुआत की थी। 30 नवंबर 2018 को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी के गठन की घोषणा की थी। बाद में पार्टी का नाम जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) तय हुआ। राजा भैया लंबे समय से प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। पार्टी गठन के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपने संगठन का विस्तार करने और अलग-अलग चुनावों में भाग लेने की रणनीति पर जोर दिया है। हाल में पार्टी की ओर से पंचायत चुनावों में भी अपने दम पर उतरने की बात कही गई थी।
विधानमंडल में पार्टी की मौजूदगी
राजा भैया ने बातचीत में जनसत्ता दल की मौजूदा विधायी स्थिति का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, इस समय विधानमंडल में उनकी पार्टी के तीन सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी गठबंधन के भी जनसत्ता दल की विधायी मौजूदगी कांग्रेस और बसपा से अधिक है। यह बयान पार्टी की मौजूदा विधानसभा ताकत को रेखांकित करने के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, 2027 के चुनाव में पार्टी कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी और किन क्षेत्रों पर उसका मुख्य फोकस होगा, इसको लेकर अंतिम रणनीति आगे स्पष्ट हो सकती है।
2027 से पहले बढ़ रही राजनीतिक हलचल
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले अलग-अलग दलों के बीच संभावित गठबंधन और सीटों के तालमेल को लेकर गतिविधियां जारी हैं। हाल के वर्षों में जनसत्ता दल और अन्य दलों के बीच राजनीतिक संपर्क की खबरें भी सामने आती रही हैं, लेकिन हर संपर्क को औपचारिक गठबंधन नहीं माना जा सकता।
ऐसे में राजा भैया का ताजा बयान फिलहाल इतना स्पष्ट करता है कि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक किसी गठबंधन वार्ता में होने की बात नहीं कह रहा है, लेकिन समान विचारधारा वाले दलों के लिए बातचीत की संभावना खुली रखी गई है। 2027 के चुनावी समीकरण जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, गठबंधन को लेकर तस्वीर भी अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।