Raipur | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में युवाओं के नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन जारी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज, 29 सितंबर को इस कॉन्क्लेव में शामिल होंगे। वे सुबह 11 बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगे और युवा नवोन्मेषी विद्यार्थियों तथा स्टार्टअप उद्यमियों से संवाद करेंगे। 28 से 30 सितंबर तक आयोजित इस कॉन्क्लेव में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से युवा, विद्यार्थी, नवाचारकर्ता और स्टार्टअप उद्यमी हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के स्टार्टअप अपने नवाचार, उत्पाद और तकनीकों का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं के नए विचारों को नवाचार और फिर उद्यमिता से जोड़ना है।
युवा विद्यार्थियों और स्टार्टअप उद्यमियों से संवाद करेंगे CM साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कॉन्क्लेव में शामिल युवा विद्यार्थियों, नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप उद्यमियों से संवाद करेंगे। इस दौरान युवाओं के नए विचारों, तकनीकी समाधानों और उद्यमिता से जुड़े प्रयासों को समझने का अवसर मिलेगा। कॉन्क्लेव के माध्यम से युवाओं को नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। खास तौर पर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से सामने आ रहे नए विचारों और नवाचारों को राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन करेंगे
मुख्यमंत्री साय इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन करेंगे। इस केंद्र के माध्यम से नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप्स को तकनीकी सुविधाएं और इन्क्यूबेशन सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस केंद्र का उद्देश्य बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े शोध, नवाचार और तकनीक को व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना है। कॉन्क्लेव के दौरान इस केंद्र को प्रदेश में युवा नवाचार और स्टार्टअप गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण संस्थागत मंच के तौर पर भी सामने रखा जा रहा है।
‘विचार से नवाचार और नवाचार से उद्यमिता’ पर जोर
यूथ कॉन्क्लेव का प्रमुख फोकस युवाओं के विचारों को व्यावहारिक नवाचार और उद्यमिता में बदलने पर है। इसके जरिए युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहकर अपने नए विचारों और तकनीकी समाधानों को व्यवसायिक अवसरों में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आयोजन में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से उभर रहे नवाचारों को स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं और उनके नवाचारों को आगे लाने का प्रयास किया जा रहा है।
करीब एक हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद
कॉन्क्लेव में युवा विद्यार्थियों, शोधार्थियों, स्टार्टअप संस्थापकों, नवाचारकर्ताओं, उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों, इनक्यूबेटर्स और मेंटर्स सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। आयोजन से पहले जारी जानकारी के अनुसार करीब एक हजार प्रतिभागियों की भागीदारी अपेक्षित थी। कार्यक्रम में युवाओं को अपने नवीन विचार और तकनीकी समाधान विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी मिल रहा है। इससे नए स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन और नेटवर्किंग के अवसर मिलने की उम्मीद है।
तीन दिवसीय आयोजन में स्टार्टअप्स को मिलेगा मंच
यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन 28 से 30 सितंबर तक इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में किया जा रहा है। आयोजन में नवाचार और स्टार्टअप प्रदर्शनी सहित विभिन्न गतिविधियां रखी गई हैं। आयोजन से पहले जारी जानकारी के अनुसार शीर्ष तीन युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को क्रमशः एक लाख रुपये, 75 हजार रुपये और 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि भी दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
कई संस्थानों के सहयोग से आयोजन
कॉन्क्लेव का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के साथ IIT भिलाई, NIT रायपुर, IIIT नया रायपुर, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी और NABARD के सहयोग से किया जा रहा है। इस आयोजन के जरिए छत्तीसगढ़ में नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए एक साझा मंच तैयार करने पर जोर है। मुख्यमंत्री साय की आज की भागीदारी के दौरान युवा विद्यार्थियों और स्टार्टअप उद्यमियों के साथ संवाद तथा बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का अवलोकन कार्यक्रम के प्रमुख हिस्सों में शामिल रहेगा।