रायपुर - कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर की गई मांग के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खड़गे के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को देश की जनता ने लगातार तीसरी बार चुना है और किसी नेता के कहने पर प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया जा सकता। वहीं, खड़गे ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
खड़गे ने CWC बैठक में क्या कहा?
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और SIR के तहत मतदाता सूचियों में बदलाव को लेकर पारदर्शिता की जरूरत है। खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका पर भी सवाल उठाए और प्रधानमंत्री से ‘नैतिक आधार’ पर इस्तीफा देने की मांग की। कांग्रेस की ओर से SIR को लेकर मतदाता सूची में बदलाव की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने, हटाए गए नामों को दावा-आपत्ति का अवसर देने और कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच जैसी मांगें भी रखी गई हैं।
विजय शर्मा ने किया पलटवार
खड़गे की इस मांग पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चुना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा किसी विपक्षी नेता की मांग के आधार पर नहीं होता। विजय शर्मा ने कहा, “इस देश की जनता ने तीसरी बार चुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वाधिक लंबा कार्यकाल दिया है। ऐसे नहीं होता है कि उनके कहने पर इस्तीफा दे दिया जाए या कुछ किया जाए। वे लोग अपनी बातें रखें, अपनी मांगें रखें...”शर्मा ने इस दौरान लोकतांत्रिक जनादेश का हवाला देते हुए कांग्रेस की मांग पर सवाल उठाया।
INDIA गठबंधन की बैठक पर भी बोले शर्मा
INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर भी विजय शर्मा ने विपक्ष के नेतृत्व पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की दिशा तय करने में नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा, “ये उनके नेतृत्व का मसला है। नेतृत्व यदि प्रबल रहता है तो संगठन आगे बढ़ता है, लेकिन नेतृत्व में ही दिशाहीनता है तो संगठन कहां जाएगा।”
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के साथ आगे की रणनीति बनाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस के मुताबिक, INDIA गठबंधन की बैठक में भी इन मुद्दों पर चर्चा होनी है।
SIR पर आमने-सामने सत्ता पक्ष और विपक्ष
SIR को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच पहले से ही मतभेद सामने आ रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए वास्तविक मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार और सुझाव आना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है और उसके आदेश कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप हैं। ऐसे में खड़गे की मांग और विजय शर्मा के पलटवार ने SIR विवाद को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।