Kushinagar | उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सोमवार देर रात नारायणी नदी के बढ़ते कटाव के बीच एपी तटबंध टूटने से कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से घुस गया। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के ततवा टोला, चैन पट्टी और जवहीं माली एहतमाली के पास तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तटबंध टूटने के बाद पानी आसपास के ग्रामीण इलाकों की ओर बढ़ने लगा। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन और आपदा राहत की टीमें मौके पर तैनात हैं।
70 से 100 मीटर तक तटबंध टूटने की जानकारी
स्थानीय लोगों के मुताबिक रात करीब 12 बजे नारायणी नदी का जलस्तर लगभग 2.54 लाख क्यूसेक तक पहुंचने के बाद कम होने लगा। जलस्तर घटने के साथ नदी के किनारों पर कटान तेज हो गया। तटबंध में बने रैट होल और लगातार हो रहे सीपेज को भी तटबंध टूटने की वजह बताया जा रहा है।
स्थानीय निवासी रितेश सिंह के अनुसार करीब 70 से 100 मीटर तक तटबंध टूट गया है। इससे आसपास के कई गांव प्रभावित हुए हैं और ग्रामीणों के घरों एवं सामान को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि करीब 100 मीटर तटबंध कटने से 20 से 25 गांवों के लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि, ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
20 से 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा
एपी तटबंध टूटने के बाद तमकुहीराज क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पानी के तेजी से फैलने के कारण प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है।
NDRF और SDRF को बचाव अभियान के निर्देश
तटबंध टूटने की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी सक्रिय किया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित निकालना, पानी के फैलाव पर नजर रखना और जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री उपलब्ध कराना है। संवेदनशील इलाकों में बचाव दलों को तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
CM योगी ने देर रात लिया घटना का संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी देर रात कुशीनगर में तटबंध टूटने की घटना का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर मंडलायुक्त, एडीजी और कुशीनगर के जिलाधिकारी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
पल-पल की स्थिति पर नजर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से लगातार स्थिति की जानकारी लेने और प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने को कहा है। इसके बाद प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर सक्रिय हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता तटबंध टूटने से प्रभावित इलाकों में पानी के फैलाव को देखते हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरत के अनुसार राहत-बचाव अभियान को तेज करना है।