Bhopal | मध्य प्रदेश के प्रमुख नेशनल पार्कों में नए पर्यटन सत्र की शुरुआत को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा समेत प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों के कोर जोन के गेट 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे। करीब तीन महीने के मानसून अवकाश के बाद जंगल सफारी फिर शुरू होगी। पर्यटकों के स्वागत के लिए पार्क प्रबंधन ने विशेष तैयारियां की हैं। पर्यटन सत्र के पहले दिन सफारी के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों का बुके और मिठाई देकर स्वागत किया जाएगा। वहीं, सफारी पर आने वाले बच्चों को टॉफियां भी बांटी जाएंगी।
शुरुआती 20 दिनों की सफारी की बुकिंग फुल
नए पर्यटन सत्र को लेकर पर्यटकों में पहले से ही खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई नेशनल पार्कों में शुरुआती 20 दिनों की सफारी की ऑनलाइन बुकिंग फुल हो चुकी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक जंगल और वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए सफारी की बुकिंग करा रहे हैं। कान्हा नेशनल पार्क में बारिश के चलते सफारी की शुरुआत की तारीख आगे बढ़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन पार्क प्रबंधन ने 1 अक्टूबर से ही पर्यटन गतिविधियां शुरू करने का निर्णय लिया है। कान्हा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रकाश कुमार वर्मा के मुताबिक पार्क में अगले 20 से 25 दिनों की सफारी बुकिंग पूरी हो चुकी है। इससे पर्यटन सत्र की शुरुआत में बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है।
तीन महीने के दौरान किए गए जरूरी काम
मानसून के दौरान करीब तीन महीने तक कोर जोन में सफारी बंद रहती है। इस दौरान वन विभाग और पार्क प्रबंधन की ओर से जंगल के साथ-साथ पर्यटन सुविधाओं से जुड़े जरूरी काम किए जाते हैं। नए पर्यटन सत्र से पहले सफारी मार्गों, प्रवेश व्यवस्था, पर्यटकों की सुरक्षा और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पार्क प्रबंधन की कोशिश है कि पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर सफारी अनुभव मिल सके।
पहले कोर जोन के गेटों का होगा पूजन
कान्हा टाइगर रिजर्व में 1 अक्टूबर को सुबह की पहली सफारी से पहले कोर जोन के सभी गेटों का पूजन किया जाएगा। इसके बाद पर्यटकों को पार्क में प्रवेश दिया जाएगा। पहली सफारी के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों का बुके और मिठाई देकर स्वागत किया जाएगा। बच्चों के लिए भी विशेष रूप से टॉफियों की व्यवस्था की गई है।
बांधवगढ़ में भी पर्यटकों के स्वागत की तैयारी
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में भी नए पर्यटन सत्र की शुरुआत को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय के अनुसार पहली सफारी में आने वाले पर्यटकों के स्वागत और अभिनंदन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बांधवगढ़ में भी शुरुआती दिनों की सुबह और शाम की कई सफारी स्लॉट की बुकिंग पूरी हो चुकी है। इससे संकेत मिल रहा है कि नए पर्यटन सत्र की शुरुआत में पर्यटकों की अच्छी संख्या देखने को मिल सकती है।
पेंच और सतपुड़ा में भी तैयारियां पूरी
कान्हा और बांधवगढ़ के साथ पेंच और सतपुड़ा सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख नेशनल पार्कों में भी 1 अक्टूबर से पर्यटन गतिविधियां शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मानसून के बाद जंगल का प्राकृतिक वातावरण और हरियाली पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। टाइगर रिजर्व में बाघ समेत अन्य वन्यजीवों को देखने के लिए देशभर से पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
पर्यटन कारोबार को भी मिलेगा बढ़ावा
नए पर्यटन सत्र की शुरुआत का असर केवल नेशनल पार्कों तक सीमित नहीं रहता। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय होटल, रिसॉर्ट, गाइड, जिप्सी संचालक और अन्य पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को भी लाभ मिलता है। 1 अक्टूबर से सफारी शुरू होने के साथ ही मध्य प्रदेश के प्रमुख वन पर्यटन क्षेत्रों में एक बार फिर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।