Bhopal | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के स्कूली छात्रों, अग्निवीरों, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और पर्यावरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में वर्दीधारी विभागों में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था प्रमुख फैसलों में शामिल रही। इसके अलावा कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस के स्थान पर सीधे राशि देने का निर्णय भी लिया गया। कैबिनेट ने प्रदेश में सड़क और सिंचाई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। दमोह-कटनी सड़क, सिंचाई योजनाओं, अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया।
अग्निवीरों को वर्दीधारी विभागों में मिलेगा 20% आरक्षण
कैबिनेट बैठक में अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने का फैसला किया गया। राज्य के वर्दीधारी विभागों में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत वन विभाग के आरक्षक, गृह विभाग, विशेष सशस्त्र बल यानी SAF, जेल प्रहरी और आबकारी विभाग के आरक्षक जैसे पदों पर अग्निवीरों को भर्ती में अवसर दिया जाएगा। सरकार के अनुसार पूर्व सैनिकों को भी इस व्यवस्था का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
स्कूल ड्रेस के बजाय अभिभावकों को मिलेगी राशि
कैबिनेट ने कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल ड्रेस की व्यवस्था को लेकर भी फैसला किया। अब इस वर्ष विद्यार्थियों को ड्रेस उपलब्ध कराने के बजाय उनके अभिभावकों के बैंक खातों में सीधे राशि भेजी जाएगी। सरकार की ओर से बताया गया कि ड्रेस की गुणवत्ता और वितरण प्रक्रिया में देरी की संभावना को देखते हुए DBT के माध्यम से भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था पर सरकार करीब 348 करोड़ रुपये खर्च करेगी और प्रति ड्रेस 600 रुपये की राशि दी जाएगी।
दमोह-कटनी के बीच बनेगी 105 किमी लंबी सड़क
प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए दमोह से कटनी के बीच करीब 105 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 4,400 करोड़ रुपये बताई गई है। इस सड़क के बनने से बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सिंगरौली में 450 बेड का अस्पताल
कैबिनेट बैठक में सिंगरौली की स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने से जुड़े प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया गया। जिले में 450 बेड का अस्पताल तैयार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीटों को बढ़ाकर 155 किए जाने की जानकारी दी गई। अस्पताल और अन्य चिकित्सा सुविधाओं के लिए करीब 355 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 3,113 करोड़ रुपये राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 3,113 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। इसका उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
चार बड़ी सिंचाई योजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने सिंचाई विभाग की चार बड़ी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। इनमें मां रतनगढ़-दतिया सिंचाई परियोजना प्रमुख है। इस योजना के तहत करीब 78 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। परियोजना के लिए 1,608 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है और इसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, रामपुर मानव परियोजना के लिए 524 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस योजना से करीब 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है। इसे भी 2027 तक पूरा करने की योजना है। कान नदी का प्रदूषित पानी शिप्रा में जाने से रोकने की योजना जारी उज्जैन में कान नदी के प्रदूषित पानी को शिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिए चल रही योजना को आगे जारी रखने की मंजूरी दी गई है। सरकार के मुताबिक इस परियोजना का करीब 52 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शिप्रा नदी में प्रदूषित पानी के प्रवाह को रोकने के लिए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सागर में 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा
सागर जिले में करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने वाली परियोजना का काम भी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कैबिनेट के फैसलों में सिंचाई और स्वास्थ्य के साथ-साथ सड़क एवं रोजगार से जुड़े प्रस्तावों को भी प्रमुखता दी गई।