Bhopal | मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में स्कूली बच्चों की स्कूल ड्रेस को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार अब बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस उपलब्ध कराने के बजाय पेरेंट्स के बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर करेगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार के मुताबिक, कक्षा 1 से 8वीं तक के करीब 9.58 लाख विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस उपलब्ध कराने की योजना थी। इसके लिए ड्रेस तैयार कराकर बच्चों को देने का प्रस्ताव था, लेकिन गुणवत्ता से जुड़े मुद्दों के कारण इस व्यवस्था को लागू करने में देरी की संभावना बनी।
600 रुपये प्रति ड्रेस के हिसाब से होगा भुगतान
मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि सरकार अब विद्यार्थियों के लिए 600 रुपये प्रति स्कूल ड्रेस के हिसाब से राशि उपलब्ध कराएगी। यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इस व्यवस्था के तहत सरकार करीब 348 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सरकार का कहना है कि ड्रेस उपलब्ध कराने में और देरी करना उचित नहीं है, इसलिए इस वर्ष अभिभावकों को सीधे राशि देने का निर्णय लिया गया है।
कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
इस फैसले का लाभ कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा। पहले सरकार की ओर से स्कूल ड्रेस तैयार कराकर बच्चों को उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, ड्रेस की गुणवत्ता और प्रक्रिया में संभावित देरी को देखते हुए सरकार ने इस वर्ष DBT के माध्यम से भुगतान करने का फैसला किया है।
अगले साल बदलेगा स्कूल ड्रेस का नियम
मंत्री चैतन्य कश्यप के मुताबिक, इस साल बच्चों के अभिभावकों को सीधे राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि अगले साल स्कूल ड्रेस की व्यवस्था दूसरे नियमों के तहत की जाएगी। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को समय पर स्कूल ड्रेस की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि ड्रेस वितरण में होने वाली देरी का असर बच्चों की पढ़ाई पर न पड़े।