Bhopal | मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के संकेत अब और स्पष्ट होने लगे हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियों में कमी आई है और कई इलाकों में मौसम शुष्क रहने लगा है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं का दौर अभी भी जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और कम होने की संभावना है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, मौजूदा मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए मध्यप्रदेश में धीरे-धीरे मौसम के ड्राई होने का अनुमान है। ग्वालियर-चंबल, इंदौर और उज्जैन संभाग में 30 सितंबर से मौसम शुष्क होने की स्थिति बन सकती है। इसके बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है।
3 अक्टूबर तक पूरी तरह शुष्क हो सकता है मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ सकती है। शुरुआत में कुछ संभागों में बारिश पूरी तरह थमने के बाद धीरे-धीरे इसका प्रभाव प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी कम होगा। अनुमान है कि 3 अक्टूबर तक मध्यप्रदेश का मौसम पूरी तरह ड्राई हो सकता है। हालांकि, किसी भी क्षेत्र में स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण हल्के बदलाव संभव हैं। मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के साथ ही दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वहीं, सुबह और रात के समय मौसम में हल्की ठंडक का अहसास भी शुरू हो सकता है।
पिछले 24 घंटे में इन संभागों में हुई बारिश
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर, चंबल, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग के कुछ जिलों में बारिश हुई। इसके विपरीत मध्यप्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश में मानसून की सक्रियता अब कमजोर पड़ रही है और बारिश का दायरा लगातार सीमित हो रहा है।
रीवा और शहडोल में बढ़ा तापमान
बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ ही प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान में बदलाव देखने को मिला है। पिछले 24 घंटों में रीवा और शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बारिश और बादलों की गतिविधि कम होने के कारण इन क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी का असर बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में मौसम के और शुष्क होने के साथ अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की संभावना बनी रहेगी।
ग्वालियर-चंबल और सागर में तापमान सामान्य से नीचे
वहीं, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में हालिया बारिश और मौसम की गतिविधियों का असर तापमान पर दिखाई दे रहा है। हालांकि, मौसम के पूरी तरह शुष्क होने के बाद दिन के तापमान में धीरे-धीरे बदलाव आने की संभावना है।
मानसून की विदाई के बाद बदलेगा मौसम का मिजाज
मध्यप्रदेश से मानसून की विदाई के बाद मौसम के पैटर्न में बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश और बादलों की गतिविधियां कम होने से दिन का तापमान बढ़ सकता है, जबकि रात और सुबह के समय हल्की ठंडक की शुरुआत हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की वापसी के बाद प्रदेश में मौसम अधिक स्थिर और शुष्क होने लगता है। हालांकि, तापमान में बदलाव सभी जिलों में एक जैसा नहीं होगा और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में अंतर देखने को मिल सकता है।
किसानों के लिए भी अहम है मौसम में बदलाव
मानसून की विदाई का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ता है। बारिश का दौर थमने के बाद खेतों में जलभराव की स्थिति कम होने लगती है और कई इलाकों में किसान खरीफ फसलों की कटाई की तैयारी तेज कर सकते हैं। वहीं, जिन क्षेत्रों में हाल में बारिश हुई है, वहां किसानों को फसलों में नमी और खेतों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आगे की कृषि गतिविधियां तय करनी होंगी।
अगले कुछ दिनों में ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के मौजूदा अनुमान के मुताबिक, मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में लगातार कमी आने की संभावना है।
- 30 सितंबर से: ग्वालियर-चंबल, इंदौर और उज्जैन संभाग में मौसम शुष्क होने के आसार।
- 1-2 अक्टूबर: प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना।
- 3 अक्टूबर: प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क होने का अनुमान।
- तापमान: बारिश कम होने के साथ कुछ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान बढ़ सकता है।
- सुबह-रात: मानसून की विदाई के बाद कुछ इलाकों में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है। आने वाले 3-4 दिनों में बारिश का दौर और कमजोर होने के साथ प्रदेश में मौसम के पूरी तरह शुष्क होने की स्थिति बन सकती है।