Raipur | छत्तीसगढ़ में BAMS जूनियर डॉक्टरों और आयुर्वेदिक मेडिकल छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। राजधानी रायपुर स्थित शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि MBBS छात्रों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के बाद BAMS छात्रों को भी समान दर से स्टाइपेंड मिलना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि वर्ष 2026 में स्टाइपेंड बढ़ाया गया, लेकिन आयुर्वेद के PG और इंटर्न छात्रों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिला। इसे लेकर छात्रों में नाराजगी है और उन्होंने सरकार को मांग पूरी करने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
15 दिन में मांग पूरी नहीं हुई तो हड़ताल
BAMS जूनियर डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार की ओर से उनकी मांग पर 15 दिनों के भीतर निर्णय नहीं लिया जाता है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का कदम उठा सकते हैं। छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड में समानता की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि सरकारी संस्थानों में मेडिकल सेवाओं और प्रशिक्षण से जुड़े छात्रों के साथ स्टाइपेंड के मामले में अलग-अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए।
MBBS के बराबर स्टाइपेंड की मांग
BAMS छात्रों की प्रमुख मांग है कि उन्हें भी MBBS छात्रों की तरह बढ़ा हुआ स्टाइपेंड दिया जाए। छात्रों के मुताबिक, आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा में पढ़ाई और क्लीनिकल प्रशिक्षण पूरा करने के दौरान जूनियर डॉक्टरों को भी नियमित जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। उनका कहना है कि स्टाइपेंड में अंतर होने से आयुर्वेदिक चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षण ले रहे छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है।
सरकार पर भेदभाव का आरोप
रायपुर के शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने सरकार पर BAMS छात्रों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब मेडिकल शिक्षा के दूसरे वर्ग के छात्रों के स्टाइपेंड में वृद्धि की गई है, तो आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्रों को भी उसी आधार पर लाभ दिया जाना चाहिए। छात्रों ने सरकार से इस मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की है, ताकि हड़ताल की स्थिति पैदा न हो।
आगे क्या होगा?
फिलहाल BAMS जूनियर डॉक्टरों ने सरकार को 15 दिन का समय दिया है। इस दौरान सरकार की ओर से उनकी मांग पर कोई निर्णय आता है या नहीं, इस पर आंदोलन की अगली दिशा तय होगी। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अन्य सरकारी आयुर्वेदिक संस्थानों के BAMS जूनियर डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, हड़ताल और उसकी व्यापकता को लेकर अंतिम स्थिति छात्रों और सरकार के बीच होने वाली आगामी बातचीत के बाद स्पष्ट होगी।