लखनऊ - INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर को होने वाली बैठक से पहले विपक्षी गठबंधन के भीतर मतभेदों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने साफ कहा है कि AAP अब INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है, इसलिए वह बैठक में शामिल नहीं होगी। हालांकि, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में किसी महाभियोग प्रस्ताव की स्थिति में अन्य विपक्षी दलों के साथ खड़े होने की बात कही है।
संजय सिंह ने बैठक से दूरी का किया ऐलान
संजय सिंह ने कहा कि AAP पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। ऐसे में 30 सितंबर को होने वाली बैठक में शामिल होने का कोई कारण नहीं है। हालांकि, उन्होंने SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ सहयोग का संकेत दिया। सिंह के मुताबिक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव संसद में आता है तो AAP उसका समर्थन करेगी और विपक्षी दलों के साथ मिलकर आगे बढ़ेगी।
यूपी में कांग्रेस-सपा गठबंधन पर उठाए सवाल
AAP नेता ने उत्तर प्रदेश की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के साथ संबंधों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। संजय सिंह ने कांग्रेस की सीटों की मांग को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कभी 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात सामने आती है और कभी सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की चर्चा होती है। उनके मुताबिक, ऐसे बयानों से यह सवाल उठता है कि कांग्रेस का मुख्य मुकाबला बीजेपी से है या समाजवादी पार्टी से।
राजेंद्र पाल गौतम ने दिया जवाब
संजय सिंह के बयान पर कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यूपी में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और सीट बंटवारे से जुड़े फैसले कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व करेगा। हालांकि, गौतम हाल के दिनों में सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में सम्मानजनक हिस्सेदारी चाहती है और सीटों पर बातचीत अक्टूबर में पूरी किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए संगठनात्मक तैयारी और दावेदार मौजूद हैं।
सपा-कांग्रेस सीट शेयरिंग पर अभी बातचीत बाकी
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन सीटों का अंतिम फॉर्मूला अभी तय नहीं हुआ है। राजेंद्र पाल गौतम ने पहले भी कहा है कि दोनों दलों के बीच बातचीत में सम्मान और बराबर भागीदारी को महत्व दिया जाएगा। वहीं, AAP के INDIA ब्लॉक की बैठक से दूर रहने के फैसले के बावजूद CEC के खिलाफ संभावित संसदीय कार्रवाई पर उसका समर्थन विपक्षी दलों के बीच मुद्दा-आधारित सहयोग की संभावना को दिखाता है।
30 सितंबर की बैठक पर सबकी नजर
INDIA ब्लॉक की बैठक में SIR, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस ने भी SIR के मुद्दे पर अपने स्तर पर कई मांगें उठाई हैं। ऐसे में AAP की गैरमौजूदगी और यूपी में सपा-कांग्रेस सीट शेयरिंग को लेकर जारी बयानबाजी विपक्षी गठबंधन के भीतर अलग-अलग राजनीतिक प्राथमिकताओं को सामने ला रही है।