नई दिल्ली - नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बुधवार को INDIA ब्लॉक के विपक्षी दलों की अहम बैठक हुई। करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में चुनाव आयोग, SIR यानी Special Intensive Revision, EVM-VVPAT और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी दी।
चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन की तैयारी
मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कुछ अधिकारी केंद्र सरकार के प्रभाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर चुनाव आयोग के साथ ‘कठपुतली के खेल’ जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर अलग-अलग नहीं, बल्कि मिलकर लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि 2 से 8 अक्टूबर के बीच युवाओं, INDIA ब्लॉक के कार्यकर्ताओं और सिविल सोसाइटी के लोगों को जोड़कर ‘लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं, 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।
SIR और मतदाता सूची पर विपक्ष के सवाल
बैठक का प्रमुख मुद्दा चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया भी रहा। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खतरा है और पूरी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की जरूरत है। INDIA ब्लॉक की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर संयुक्त राजनीतिक अभियान चलाने पर सहमति की बात सामने आई है। विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठा रहे हैं।
ममता बनर्जी ने भी साधा निशाना
बैठक में शामिल तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि INDIA गठबंधन एकजुट होकर इन मुद्दों को उठाएगा। उन्होंने चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए दावा किया कि बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ी गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं।
ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी तीखे आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि CEC पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो विपक्ष की ओर से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ये आरोप ममता बनर्जी और विपक्षी दलों के राजनीतिक दावे हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि को लेकर अलग से प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
INDIA ब्लॉक की आगे की रणनीति
बैठक के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर चरणबद्ध विरोध कार्यक्रम की घोषणा की है। रिपोर्टों के अनुसार, 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान चलाया जाएगा और 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।
इसके अलावा विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने से संबंधित प्रस्ताव को लेकर भी आगे की संसदीय प्रक्रिया पर विचार कर रहे हैं। बैठक में कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी से जुड़े प्रतिनिधियों, वाम दलों, NCP-SP और शिवसेना (UBT) समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। हालांकि, AAP और DMK ने बैठक से दूरी बनाई, जबकि अखिलेश यादव की जगह समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए।
अब INDIA ब्लॉक का अगला बड़ा कार्यक्रम अक्टूबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान और 6 अक्टूबर का चुनाव आयोग मार्च होगा। विपक्ष इसे SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को व्यापक स्तर पर उठाने के मंच के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी में है।