रायपुर - छत्तीसगढ़ में चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पूर्व अग्निवीरों को राज्य की कुछ सीधी भर्तियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने को मंजूरी दी गई है। यह व्यवस्था पुलिस, वन और जेल विभाग में होने वाली भर्तियों पर लागू होगी।
किन पदों पर मिलेगा आरक्षण?
सरकार के फैसले के अनुसार पूर्व अग्निवीरों को पुलिस विभाग में आरक्षक, वन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में प्रहरी के पदों की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। ये पद ग्रुप-C श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। इसका लाभ उन अग्निवीरों को मिलेगा जिन्होंने अग्निवीर योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी की हो और वैध सेवा प्रमाणपत्र के साथ सेवा से मुक्त हुए हों। यानी केवल अग्निवीर के रूप में भर्ती होना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि निर्धारित सेवा अवधि पूरी करना भी जरूरी होगा।
भर्ती प्रक्रिया नियमों के तहत होगी तय
राज्य सरकार ने आरक्षण के साथ पात्रता, चयन और नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया को भर्ती नियमों में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों के सैन्य प्रशिक्षण और अनुभव को राज्य की सेवाओं में उपयोग करना भी है। अग्निवीरों को सेना में सेवा के दौरान अनुशासन, शारीरिक दक्षता और विभिन्न परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है। सरकार के मुताबिक, इन क्षमताओं का इस्तेमाल पुलिस, वन और जेल जैसी सेवाओं में किया जा सकता है।
रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर
चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों के सामने रोजगार और करियर से जुड़ी अगली राह महत्वपूर्ण होती है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला इसी अवधि के बाद राज्य सरकार की सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराने से जुड़ा है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ने भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में कांस्टेबल/राइफलमैन भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग प्रावधान किए हैं। केंद्र की व्यवस्था में आरक्षण के साथ आयु सीमा में छूट और कुछ चयन चरणों से छूट का भी प्रावधान किया गया है।
अब आगे क्या होगा?
छत्तीसगढ़ में 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ संबंधित विभागों की सीधी भर्ती के दौरान निर्धारित नियमों के अनुसार मिलेगा। भर्ती अधिसूचनाओं में पात्रता, आवश्यक प्रमाणपत्र और चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस फैसले से चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर चुके पात्र अग्निवीरों के लिए राज्य पुलिस, वन और जेल विभाग में नौकरी के नए अवसर उपलब्ध होंगे।