मुंबई - विराट कोहली के बल्ले से निकले शानदार शतक ने एक बार फिर क्रिकेट जगत में सचिन तेंदुलकर के 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों के रिकॉर्ड की चर्चा छेड़ दी है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में कोहली ने 139 रन की नाबाद पारी खेलते हुए अपने वनडे करियर का 55वां और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 86वां शतक जड़ा। इस उपलब्धि के बाद अब उनके सामने 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों का आंकड़ा हासिल करने की संभावनाओं पर बहस शुरू हो गई है।
100 शतकों के लिए 14 सेंचुरी और चाहिए
86 अंतरराष्ट्रीय शतकों के साथ विराट कोहली फिलहाल सचिन तेंदुलकर के 100 शतकों के विश्व रिकॉर्ड से 14 शतक दूर हैं। कोहली ने टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और अब उनका फोकस वनडे क्रिकेट पर है। ऐसे में उनके पास इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए सीमित संख्या में मुकाबले होंगे।
पहले वनडे में कोहली ने सिर्फ 74 गेंदों में शतक पूरा किया और अंत तक 139 रन बनाकर नाबाद रहे। इस पारी के दौरान उन्होंने 15 हजार वनडे रन भी पूरे किए और ऐसा करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने।
अश्विन ने बताया कब सचिन के बराबर होंगे विराट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब शो में विराट और सचिन की तुलना पर अपनी राय रखी। अश्विन ने कहा कि दोनों अलग-अलग दौर में खेले हैं और इसलिए सीधे तौर पर उनकी तुलना करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक सचिन के दौर में वनडे क्रिकेट की परिस्थितियां और नियम अलग थे। हालांकि, अश्विन ने विराट कोहली के लिए एक ऐसा आंकड़ा बताया, जिसके बाद वह दोनों खिलाड़ियों को समान स्तर पर रखने के लिए तैयार होंगे। उनका कहना है कि अगर कोहली 100 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरे कर लेते हैं, तो वह सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली को एक ही स्तर पर मानेंगे।
2027 वर्ल्ड कप तक बढ़ेगी नजर
विराट कोहली ने पहले ही संकेत दिया है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी विश्व कप होगा। ऐसे में अगले कुछ समय में उनके प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी। अश्विन ने भी कहा कि इस उम्र में अपने खेल और फिटनेस के स्तर को बनाए रखना बड़ी चुनौती है, लेकिन उनके मुताबिक 100 शतकों का आंकड़ा हासिल करना तार्किक रूप से संभव है।
फिलहाल कोहली के खाते में 86 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं और सचिन के ऐतिहासिक आंकड़े की बराबरी के लिए उन्हें 14 और सेंचुरी की जरूरत है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले वनडे मुकाबलों में उनका बल्ला इस ऐतिहासिक लक्ष्य की ओर कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।