जालंधर - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर में बीजेपी की ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि अगर बीजेपी को राज्य में सरकार बनाने का मौका मिलता है तो नशे के खिलाफ अभियान को प्राथमिकता दी जाएगी। यह यात्रा 18 सितंबर को शुरू हुई थी और 13 दिनों में पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों से गुजरते हुए करीब 4,000 किलोमीटर का सफर तय कर जालंधर पहुंची।
‘पंजाब के योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता’
जालंधर में अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने कहा कि नशामुक्त पंजाब के उद्देश्य से यहां आना उनके लिए विशेष अवसर है। उन्होंने पंजाब के किसानों और जवानों के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शाह ने कहा कि आजादी से पहले और उसके बाद भी पंजाब के लोगों ने देश के लिए बलिदान दिया है। इसी पृष्ठभूमि में बीजेपी ने नशे के खिलाफ राज्यव्यापी यात्रा शुरू करने का फैसला किया।
AAP सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अमित शाह ने पंजाब की मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार पर ड्रग्स के मुद्दे पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में ‘चिट्टा’ यानी सिंथेटिक ड्रग्स का कारोबार खुले तौर पर चलने दिया गया। हालांकि, सरकार की कार्यप्रणाली और ड्रग्स की स्थिति को लेकर शाह के ये आरोप राजनीतिक दावे हैं। बीजेपी और AAP के बीच पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर लगातार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। शाह ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी कई मुद्दों के बजाय मुख्य रूप से ‘नशामुक्त पंजाब’ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी।
31 दिसंबर 2029 तक ‘चिट्टामुक्त पंजाब’ का वादा
जनसभा में अमित शाह ने पंजाब की माताओं और युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी सत्ता में आती है तो 31 दिसंबर 2029 तक राज्य को चिट्टे के कारोबार से मुक्त करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने केंद्र सरकार के नशाविरोधी अभियान का भी जिक्र किया। इससे पहले 22 सितंबर को राष्ट्रीय एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स सम्मेलन में शाह ने देश से ड्रग ट्रेड को खत्म करने के लिए 31 दिसंबर 2029 की समयसीमा का लक्ष्य बताया था।
‘कश्मीर और नक्सल समस्या खत्म करने का काम किया’
शाह ने अपने संबोधन में आतंकवाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर के उग्रवाद का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इन चुनौतियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने इसी क्रम में अब ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को अगली बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या सिर्फ कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि इसका असर परिवारों और युवाओं पर भी पड़ता है। शाह ने बताया कि जालंधर आने से पहले उन्होंने नशे से प्रभावित कुछ परिवारों से मुलाकात की और उनकी परेशानियां सुनीं।
कांग्रेस और AAP पर भी निशाना
अमित शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब की जनता ने अलग-अलग सरकारों को मौका दिया है और अब बीजेपी को भी पांच साल का अवसर देकर देखने की अपील की। उन्होंने दिल्ली की कथित शराब नीति से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए AAP नेतृत्व पर भी हमला बोला। ये राजनीतिक आरोप हैं और संबंधित मामलों में न्यायिक/कानूनी प्रक्रियाओं की स्थिति को उनके अपने रिकॉर्ड के आधार पर देखा जाना चाहिए।
4,000 किलोमीटर की यात्रा के बाद जालंधर में समापन
बीजेपी की ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ को चार अलग-अलग मार्गों से निकाला गया था। 18 सितंबर से शुरू हुई इस मुहिम ने राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया और करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की।
बीजेपी ने इस अभियान को ड्रग्स के खिलाफ जनजागरूकता और राजनीतिक मुद्दे के तौर पर आगे बढ़ाया है। अब जालंधर की सभा के साथ यात्रा का औपचारिक समापन हो गया है, लेकिन बीजेपी ने संकेत दिया है कि नशे के खिलाफ उसका अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पंजाब में 2027 का विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ ड्रग्स, कानून-व्यवस्था और शासन से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं। ‘नशामुक्त पंजाब’ को चुनावी अभियान में कितनी प्रमुखता मिलती है, यह आने वाले महीनों में पार्टियों के कार्यक्रमों और घोषणाओं से स्पष्ट होगा।