लखनऊ - उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ में पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों के नामांकन के बाद आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की स्थिति पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो गठबंधन पहले था, वही आगे भी जारी रहेगा। उनके इस बयान को सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर पार्टी का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। हालांकि, सीटों के बंटवारे का अंतिम खाका अभी सामने नहीं आया है।
‘जो गठबंधन पहले था, वही आगे रहेगा’
अखिलेश यादव से जब 2027 विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि गठबंधन की तैयारियां चल रही हैं और इसके बारे में थोड़ा इंतजार करना होगा। किसके साथ गठबंधन रहेगा, इस सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा कि जिनके साथ पहले गठबंधन था, वही आगे भी रहेगा। इस बयान से यह संकेत मिलता है कि सपा आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ मौजूदा गठबंधन को आगे बढ़ाने की दिशा में है। हालांकि, दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम सहमति अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। कांग्रेस की ओर से पहले भी सीट बंटवारे में सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग सामने आ चुकी है।
राज्यसभा चुनाव के बीच सियासी समीकरण
अखिलेश यादव बुधवार को सपा के राज्यसभा उम्मीदवार प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी के नामांकन के दौरान मौजूद रहे। पार्टी ने दोनों को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर बीजेपी नेतृत्व वाला गठबंधन आठ सीटों और सपा-कांग्रेस मिलकर दो सीटों पर जीत की स्थिति में बताए जा रहे हैं।
धनराज नथवानी का नाम सपा के दूसरे उम्मीदवार के तौर पर सामने आना खास चर्चा में रहा। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन से भी जुड़े हैं। अखिलेश यादव ने उनके चयन को उद्योग जगत और नई पीढ़ी से जुड़ने के पार्टी के प्रयास के तौर पर बताया।
तीसरे उम्मीदवार पर अभी सस्पेंस
सपा के तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर भी अखिलेश यादव से सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि अभी गणित पर काम चल रहा है और संख्या पूरी होने के बाद नाम घोषित किया जाएगा। यानी तीसरे उम्मीदवार को लेकर पार्टी ने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले हैं। अखिलेश ने यह भी दावा किया कि बीजेपी के कई लोग उनके संपर्क में हैं। हालांकि, उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि पार्टी में आने वाले नेताओं को किस तरह समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह ऐसा कोई वादा नहीं करना चाहते जिसे बाद में पूरा न किया जा सके।
इस बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी दावा किया है कि सपा के 25 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। यह केशव मौर्य का राजनीतिक दावा है और इन विधायकों के नाम या इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
‘जीत के आधार पर होगा सीटों का बंटवारा’
2027 के विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर अखिलेश यादव ने कहा कि इसका मुख्य आधार जीतने की क्षमता होगी। यानी गठबंधन में सीटों का बंटवारा किस पार्टी को किस सीट पर सफलता की संभावना है, इसे ध्यान में रखकर किए जाने की बात कही गई है। अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव में पिछली बार क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे विधायकों के पास इस बार अपनी पिछली भूमिका को लेकर ‘दाग धोने’ का मौका है।
किसानों के मुद्दे पर भी बड़ा ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने किसानों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने मुफ्त सिंचाई और गन्ना किसानों के भुगतान में तेजी लाने की बात कही। साथ ही बाढ़ प्रबंधन और राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर भी उन्होंने अपनी राय रखी।
वहीं, बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनके साथ उनके अच्छे संबंध हैं और उत्तर प्रदेश के विकास के लिए सभी को एक साथ काम करना चाहिए। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल को लेकर भी उन्होंने राजनीतिक अंदाज में प्रतिक्रिया दी।
फिलहाल राज्यसभा चुनाव और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों ने यूपी की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। सपा ने गठबंधन को लेकर अपना रुख संकेतों में स्पष्ट कर दिया है, लेकिन सीटों का बंटवारा और तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है।