मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज अदालत अपना फैसला सुना सकती है। करीब डेढ़ साल से ज्यादा समय से चल रहे इस मामले में आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को लेकर अदालत का निर्णय सामने आएगा। दोनों पर सौरभ राजपूत की हत्या करने और हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के गंभीर आरोप हैं। इस मामले ने मार्च 2025 में सामने आने के बाद देशभर में काफी चर्चा बटोरी थी। फैसले को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अदालत के फैसले से यह साफ होगा कि दोनों आरोपियों को दोषी माना जाता है या नहीं।
फैसले से पहले जेल में बदला माहौल
फैसले से पहले दोनों आरोपियों के व्यवहार में बदलाव की बात सामने आई है। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के अनुसार, मुस्कान पिछले तीन दिनों से लगातार पूजा-पाठ कर रही है। बताया गया है कि वह जेल कर्मचारियों से फैसले के बारे में बार-बार जानकारी ले रही है। वहीं, साहिल ने साथी कैदियों से बातचीत कम कर दी है। वह पहले की तुलना में ज्यादा समय अकेले बिता रहा है। जेल प्रशासन के अनुसार, दोनों आरोपी फैसले को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 3 मार्च 2025 को मुस्कान ने कथित तौर पर अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या की थी। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया कि हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए। इसके बाद शव के टुकड़ों को नीले रंग के ड्रम में छिपाने की बात सामने आई। घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था।
करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल
पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद अदालत में करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। घटना के करीब 15 दिन बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी। जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में ट्रायल शुरू हुआ। सुनवाई के दौरान मामले में 126 से ज्यादा तारीखें पड़ चुकी हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से 22 से अधिक गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए।
अभियोजन और बचाव पक्ष ने रखीं दलीलें
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने अपने साक्ष्य और गवाहों के बयान रखे। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से भी आरोपियों के पक्ष में दलीलें पेश की गईं। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने मामले पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। अब अदालत के निर्णय का इंतजार है। फैसले में यह स्पष्ट होगा कि अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी मानती है या नहीं।
19 सितंबर को सुरक्षित हुआ था फैसला
मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 19 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब आज अदालत का निर्णय सामने आने की उम्मीद है। अगर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया जाता है, तो अदालत उनकी सजा पर भी फैसला करेगी। वहीं, अगर आरोप साबित नहीं होते हैं तो अदालत का निर्णय अलग हो सकता है। इसी वजह से आज का दिन इस मामले की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम
फैसले को देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ कोर्ट परिसर में आने-जाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अदालत के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस चर्चित हत्याकांड में दोनों आरोपियों के खिलाफ क्या कानूनी निर्णय आता है।