कोलकाता: पश्चिम बंगाल में जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर को विकसित करने और युवाओं को उद्योग की जरूरत के मुताबिक तैयार करने पर जोर दिया गया है। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि जेम्स एंड ज्वेलरी एक महत्वपूर्ण सेक्टर है और इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य में बेहतर कारोबारी माहौल के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की जरूरत है।
पहले कारोबारियों को होती थी परेशानी
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि पिछली सरकार के समय कारोबारियों को अलग-अलग तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब सरकार की कोशिश है कि कारोबारी बिना अनावश्यक परेशानी के पश्चिम बंगाल में अपना व्यवसाय कर सकें और नए निवेश के लिए आगे आएं।
सिर्फ डिग्री नहीं, इंडस्ट्री के लिए तैयार हों छात्र
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं होना चाहिए। छात्रों को उन क्षेत्रों के लिए तैयार किया जाना चाहिए, जिनमें वास्तव में रोजगार और उद्योग की मांग है। उन्होंने इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण तैयार करने पर जोर दिया।
दूसरे राज्यों में जाने के बजाय बंगाल में मिले प्रशिक्षण
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने सरकारी आईटी संस्थानों और प्रशिक्षण व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के लिए लंबे समय के प्रशिक्षण मॉडल तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए पश्चिम बंगाल में ही एक साल के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएं।
एआई सेक्टर में भी अवसर पैदा करने की जरूरत
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई सेक्टर में भी पश्चिम बंगाल के भीतर नए अवसर विकसित करने की बात कही। जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि दूसरे शहरों में इस क्षेत्र में हो रहे काम का अध्ययन करके बंगाल में भी इस तरह के मॉडल तैयार किए जा सकते हैं।
जेम्स-ज्वेलरी की पढ़ाई के लिए तकनीकी विश्वविद्यालय का सुझाव
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने जेम्स एंड ज्वेलरी सहित विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों की शिक्षा देने के लिए विशेष तकनीकी विश्वविद्यालय बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान में जेम्स, ज्वेलरी निर्माण और इससे जुड़े अन्य तकनीकी कौशल की शिक्षा दी जा सकती है।
केंद्र की योजनाओं का लाभ लेने पर जोर
उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और वित्तीय मॉडल का भी लाभ लिया जा सकता है। इसके लिए संबंधित संस्थानों और उद्योग जगत को प्रस्ताव तैयार कर आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।