Raipur | छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर आज, 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो चुके हैं। बैठक का मुख्य फोकस महानदी के पानी के बंटवारे और दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान की दिशा में आगे बढ़ना है।
दोनों राज्यों के हित में फैसला मानने की बात
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महानदी जल विवाद को लेकर केंद्रीय जल आयोग (CWC) को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रदेशों के हित में जो भी निर्णय होगा, दोनों सरकारें उसे स्वीकार करेंगी। इससे पहले भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हो चुकी है। जुलाई 2026 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी, जिसमें विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए संवाद और तकनीकी सहयोग पर जोर दिया गया था।
2018 से ट्रिब्यूनल के सामने लंबित है विवाद
महानदी जल बंटवारे का विवाद लंबे समय से दोनों राज्यों के बीच प्रमुख मुद्दा रहा है। ओडिशा के अनुरोध के बाद केंद्र सरकार ने 12 मार्च 2018 को महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण (Mahanadi Water Disputes Tribunal) का गठन किया था। विवाद के समाधान के लिए न्यायाधिकरण के साथ-साथ केंद्र और दोनों राज्य सरकारों के स्तर पर भी बातचीत चलती रही है। हालिया प्रयासों में दोनों राज्यों ने आपसी बातचीत और तकनीकी स्तर पर समाधान तलाशने पर जोर दिया है।
अमित शाह की अध्यक्षता में क्यों अहम है बैठक?
1 अक्टूबर की बैठक में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और तकनीकी समितियों से जुड़े अधिकारी शामिल होने वाले हैं। बातचीत का प्रमुख मुद्दा महानदी जल के साझा उपयोग और बंटवारे को लेकर आपसी सहमति बनाने का है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने इससे पहले कहा था कि विवाद समाधान की दिशा में दोनों राज्यों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है। हालांकि, बैठक के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों पक्ष किसी ठोस समझौते या फार्मूले पर पहुंचते हैं या नहीं।
सिंगापुर दौरे पर भी बोले CM साय
महानदी बैठक के अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने प्रस्तावित सिंगापुर दौरे को लेकर भी जानकारी दी। वे 2 से 7 अक्टूबर तक सिंगापुर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान भारत-सिंगापुर विकास एवं कारोबार सम्मेलन में शामिल होने के साथ उद्योगपतियों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात का कार्यक्रम है। दौरे का फोकस छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश, औद्योगिक परियोजनाओं, तकनीक और रोजगार से जुड़े अवसरों को बढ़ावा देने पर रहेगा। राज्य सरकार की ओर से निवेशकों के सामने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और निवेश की संभावनाएं रखने की तैयारी है।
निवेश और तकनीक पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे के दौरान निवेशकों और कारोबारियों के साथ छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। सरकार का फोकस औद्योगिक विकास के साथ कौशल विकास, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के अवसर तलाशने पर भी है। इस तरह मुख्यमंत्री साय के लिए 1 अक्टूबर को महानदी जल विवाद पर अंतरराज्यीय बातचीत और उसके बाद सिंगापुर दौरा, दोनों ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं।